कानपुर-स्थानीय अस्पताल की गंभीर लापरवाही के चलते अपनी मां का हाथ गंवाने वाले आईटीबीपी जवान विकास सिंह की न्याय की लड़ाई में अब कानूनी शिकंजा बेहद कसता जा रहा है शहर के इस बहुचर्चित और बेहद संवेदनशील मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट का कड़ा संज्ञान ले लिया है अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें शामिल सभी पांच आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर दिए हैं न्यायालय ने जिन पांच अभियुक्तों को तलब किया है, उनमें तीन वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल हैं कोर्ट ने इन सभी को आगामी 14 अगस्त को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का सख्त आदेश दिया है न्यायिक स्तर पर आए इस बड़े मोड़ के बाद पीड़ित परिवार के साथ-साथ आम जनता में भी न्याय की एक नई उम्मीद जगी है यह मामला लंबे समय से पूरे देश में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ था क्योंकि इसमें देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात एक सुरक्षा बल के जवान की मां के साथ हुई भयावह चिकित्सा लापरवाही और उसके दुखद परिणाम सामने आए थे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए सभी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वैज्ञानिक सबूतों और विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का गहन अध्ययन करने के बाद ही इस चार्जशीट का संज्ञान लिया है चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े तीन नामचीन डॉक्टरों को कोर्ट में आपराधिक मामले में पेशी के लिए बुलाने का यह फैसला पूरे चिकित्सा जगत में भी भारी खलबली मचा सकता है कानून के जानकारों का मानना है कि यह निर्णय चिकित्सा पेशे में जवाबदेही सुनिश्चित करने और मरीजों के मौलिक अधिकारों की रक्षा को लेकर एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण संदेश देता है आगामी 14 अगस्त को होने वाली इस महत्वपूर्ण पेशी के दौरान कोर्ट में आरोपियों की तरफ से क्या दलीलें दी जाएंगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं यह मामला कानूनी रूप से काफी आगे जा सकता है और इसकी हर एक सुनवाई पर जनता की पैनी नजर रहेगी मामले की संवेदनशीलता और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारी भी इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
आईटीबीपी जवान की न्याय की लड़ाई रंग लाई, सीजेएम कोर्ट ने पांच आरोपियों को किया तलब