सीएसजेएमयू में रक्तदाताओं का सम्मान

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेस में सोमवार को भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। ‘नीमा वूमेन फोरम कानपुर’, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य गत 26 मार्च 2026 को आयोजित ‘संवेदना-2 इंटरनेशनल ब्लड डोनेशन एंड अवेयरनेस कैंपेन’ को सफल बनाने वाले रक्तदाताओं एवं सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों और शिक्षाविदों को सम्मानित करना था। कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों द्वारा किए गए स्वैच्छिक रक्तदान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए सभी रक्तदाताओं के योगदान की सराहना की गई।
समारोह में अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर नीमा वूमेन फोरम कानपुर की अध्यक्ष डॉ. नीरजा दुबे, सचिव डॉ. वंदना पाठक तथा स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेस के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी को ‘एनआईएफएफए’ द्वारा प्रदान किए गए ‘नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, नीमा वूमेन फोरम के संस्थापक डॉ. वी.के. दुबे एवं वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. निरंकार गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मान समारोह आयोजित कर सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के माध्यम से समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे कुशल, जिम्मेदार और नैतिक व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो देश के विकास में सार्थक भूमिका निभा सकें।
उन्होंने शिक्षकों से शोध संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने तथा विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। कुलपति ने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वय ही विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव बनेगा। उन्होंने रक्तदान जैसे सामाजिक अभियानों को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देता रहेगा।
वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. निरंकार गोयल ने सम्मानित अतिथियों की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेस हमेशा से समाजहित के कार्यों में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है और ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है।
नीमा वूमेन फोरम की सचिव डॉ. वंदना पाठक ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा वर्तमान निदेशक की कार्यशैली की प्रशंसा की। वहीं अध्यक्ष डॉ. नीरजा दुबे और स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेस के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी ने कुलपति के मार्गदर्शन में भविष्य में भी संयुक्त रूप से रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विश्वविद्यालय के एसोसिएट डीन प्रशासन डॉ. दिग्विजय शर्मा ने भी सभी से ऐसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय सहभागिता की अपील की। कार्यक्रम का संचालन स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेस की सहायक निदेशिका डॉ. हिना वैश्य ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक धीरज कुमार ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. वर्षा प्रसाद, डॉ. नेहा शुक्ला (पी.टी.), डॉ. अनामिका दीक्षित, डॉ. आदर्श कुमार श्रीवास्तव, डॉ. उमेश कुमार मौर्या (पी.टी.), दयाशंकर रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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