आर्थिक शोषण, मजदूरी और श्रमिक अधिकारों के मुद्दे पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ का प्रदर्शन
कानपुर। रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों की समस्याओं को लेकर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ गुरुवार को क्षेत्रीय श्रमायुक्त कार्यालय का घेराव करेगा। संगठन का आरोप है कि लंबे समय से ठेका श्रमिकों के साथ आर्थिक शोषण हो रहा है और उनकी विभिन्न समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक प्रदर्शन में शामिल होंगे। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के बैनर तले हाल ही में आयोजित संयुक्त बैठकों में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई थी। बैठकों में विभिन्न यूनियनों की कार्यकारिणी के सदस्यों और ठेका श्रमिकों ने हिस्सा लेकर अपनी समस्याओं और मांगों पर चर्चा की। इसके बाद सर्वसम्मति से क्षेत्रीय श्रमायुक्त कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया। संघ के पदाधिकारी मुकेश सिंह ने बताया कि रक्षा संस्थानों में कार्यरत ठेका श्रमिक लंबे समय से मजदूरी, सुविधाओं और श्रम अधिकारों से जुड़े मुद्दों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को उनका उचित हक नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ठेका श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए आयोग का गठन किया है, ताकि विभिन्न संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों का शोषण रोका जा सके और उन्हें निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर समस्याएं बरकरार हैं और श्रमिकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुकेश सिंह के अनुसार कई बार संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर और वार्ता के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। ऐसे में श्रमिकों को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि घेराव के दौरान श्रमिक अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करेंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर श्रमिक संगठनों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और बड़ी संख्या में कर्मचारियों व श्रमिकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इससे क्षेत्रीय श्रमायुक्त कार्यालय के आसपास आंदोलन को लेकर हलचल तेज हो गई है।