कानपुर। शहर के बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड मामले में गुरुवार 19 जून को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। ऐसे में पीड़ित परिवार, अभियुक्त पक्ष और आम लोगों की निगाहें अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।गौरतलब है कि 27 जुलाई 2014 की रात बिस्किट कारोबारी पीयूष श्यामदासानी ने अपनी पत्नी ज्योति की हत्या की सूचना पुलिस को दी थी। बाद में ज्योति का शव कल्याणपुर-पनकी रोड पर एक कार के भीतर बरामद हुआ था। जांच में सामने आया था कि ज्योति की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या की गई थी। इस घटना ने उस समय पूरे शहर को झकझोर दिया था और मामला काफी चर्चाओं में रहा था।
पुलिस जांच के दौरान कारोबारी पीयूष श्यामदासानी, उसकी कथित प्रेमिका मनीषा माखीजा, चालक अवधेश, रेनू, सोनू और आशीष कश्यप को गिरफ्तार किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने 20 अक्टूबर 2022 को सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। नवंबर 2024 में हाईकोर्ट ने पांच दोषियों की सजा को बरकरार रखा, जबकि मनीषा माखीजा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को लेकर दोनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एक ओर पीयूष श्यामदासानी समेत तीन दोषियों ने अपनी सजा के खिलाफ अपील दाखिल की, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने मनीषा माखीजा को बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी।सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। अब संभावना जताई जा रही है कि 19 जून को इस बहुचर्चित मामले में अंतिम निर्णय सुनाया जा सकता है। फैसले से यह तय होगा कि हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रहेगा या उसमें कोई बदलाव किया जाएगा।करीब 12 वर्षों से चल रहे इस चर्चित हत्याकांड के मामले में आने वाला फैसला न्यायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीड़ित पक्ष और अभियुक्त पक्ष दोनों की नजरें अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर टिकी हुई हैं।
12 साल पुराने ज्योति हत्याकांड पर कल सुप्रीम फैसला संभव