83 किलोमीटर के नए नेटवर्क से उन्नाव समेत शहर के बाहरी क्षेत्रों को मिलेगी मेट्रो कनेक्टिविटी
कानपुर। शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सुगम और व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने कानपुर मेट्रो के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। प्रस्तावित योजना के तहत शहर में लगभग 83 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिसमें सात नए कॉरिडोर शामिल होंगे। इस विस्तार के बाद कानपुर को दिल्ली-एनसीआर और नोएडा की तर्ज पर एक बड़ा और बहुस्तरीय मेट्रो नेटवर्क मिलने की उम्मीद है।
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मेट्रो सेवा अब कानपुर नगर की सीमाओं से आगे बढ़कर पड़ोसी जनपद उन्नाव तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। इससे दोनों शहरों के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
यूपीएमआरसी द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार गुमटी नंबर-5 से उन्नाव, आईआईटी से नौबस्ता, किदवई नगर से बैराज, स्वरूप नगर से बिठूर, जाजमऊ से चकेरी, कल्याणपुर से पनकी तथा बर्रा से एयरपोर्ट तक नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है। इन रूटों के माध्यम से शहर के प्रमुख आवासीय, शैक्षणिक, औद्योगिक, धार्मिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ा जाएगा।
गुमटी नंबर-5 से उन्नाव तक प्रस्तावित कॉरिडोर दोनों शहरों के बीच यातायात को नई दिशा देगा। वहीं आईआईटी से नौबस्ता रूट शिक्षा और आवासीय क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। किदवई नगर से बैराज और स्वरूप नगर से बिठूर कॉरिडोर से शहर के प्रमुख क्षेत्रों के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। जाजमऊ से चकेरी रूट औद्योगिक क्षेत्र और एयरपोर्ट क्षेत्र को जोड़ने में मदद करेगा, जबकि कल्याणपुर से पनकी और बर्रा से एयरपोर्ट कॉरिडोर शहर के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों को नई परिवहन सुविधा प्रदान करेंगे।
मेट्रो विस्तार योजना के लागू होने से शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और यात्रा में लगने वाले समय में भी कमी आएगी। इसके साथ ही शहर के बाहरी और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी तथा रियल एस्टेट, व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित नेटवर्क कानपुर के भविष्य के शहरी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह न केवल शहर की बढ़ती आबादी और परिवहन जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि लोगों को सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प भी उपलब्ध कराएगा।
यूपीएमआरसी के इस मास्टर प्लान को कानपुर के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रस्ताव को आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया पर तेजी से काम शुरू होने की संभावना है। यदि योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में कानपुर उत्तर भारत के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां व्यापक और आधुनिक मेट्रो नेटवर्क उपलब्ध होगा।