कानपुर। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर शहर में मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल देखने को मिली। विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और जागरूक नागरिकों द्वारा रक्तदान शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में उर्सला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में वर्टेक्स फिटनेस जिम के संचालक एवं समाजसेवी रितेश तिवारी के नेतृत्व में युवाओं की टीम ने सामूहिक रूप से रक्तदान कर लोगों को मानव सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था। उर्सला अस्पताल ब्लड बैंक पहुंची युवाओं की टीम ने पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले युवाओं का कहना था कि किसी जरूरतमंद की जान बचाने से बड़ा कोई धर्म और पुण्य नहीं होता।
रक्तदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए समाजसेवी एवं जिम संचालक रितेश तिवारी ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे मरीज होते हैं, जिन्हें समय पर रक्त न मिलने के कारण गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि स्वस्थ लोग आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करें, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार रक्तदान करते आ रहे हैं और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
रितेश तिवारी ने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलत धारणाएं बनी हुई हैं, जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है या स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। चिकित्सकों के अनुसार रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए आगे आए तो रक्त की कमी जैसी समस्या को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा किया गया एक छोटा सा प्रयास किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। रक्तदान केवल एक व्यक्ति की मदद नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार को टूटने से बचा सकता है।
रितेश तिवारी ने आगे कहा कि भविष्य में भी यदि शहर या आसपास कहीं किसी जरूरतमंद को रक्त की आवश्यकता होगी, तो वे अपनी टीम के साथ हर समय मदद के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा आगे आना चाहिए।
उर्सला ब्लड बैंक में आयोजित इस रक्तदान कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। रक्तदान करने पहुंचे युवाओं ने एक-दूसरे को प्रेरित करते हुए इस अभियान को सफल बनाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ऋषभ गुप्ता, अभिषेक दिवाकर, शिवम शुक्ला, भानु प्रताप सहित वर्टेक्स फिटनेस जिम से जुड़े कई अन्य युवा और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने और अन्य लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान उर्सला अस्पताल के ब्लड बैंक की मेडिकल टीम ने रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया। मेडिकल टीम ने युवाओं के इस सकारात्मक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक अभियान जरूरतमंद मरीजों के लिए बेहद मददगार साबित होते हैं। टीम ने कहा कि थैलेसीमिया, दुर्घटना, ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्तदान जीवनदायिनी साबित होता है।
रक्तदान कार्यक्रम के समापन पर उर्सला ब्लड बैंक की ओर से सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मचारियों ने युवाओं के सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि इसी तरह समाज के लोग जागरूक होकर नियमित रक्तदान करें, तो किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। विश्व रक्तदान दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज को मानवता, सेवा और जागरूकता का संदेश देने वाला प्रेरणादायी अभियान बन गया। युवाओं के इस प्रयास ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज का हर सक्षम व्यक्ति दूसरों की मदद के लिए आगे आए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
विश्व रक्तदान दिवस पर युवाओं ने किया रक्तदान