कानपुर। रेलबाजार कैंट स्थित रामलीला मैदान और उसके आस-पास का क्षेत्र इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। मैदान के ठीक सामने संचालित हो रही एक कूरियर कंपनी और अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हैं कि चंद कदमों की दूरी पर स्थित रेलबाजार पुलिस चौकी भी इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है। कूरियर कंपनी का सड़क पर कब्जा, लगा रहता है जाम स्थानीय लोगों का आरोप है कि रामलीला मैदान के सामने स्थित कूरियर संचालक ने मुख्य रास्ते को अपनी बपौती समझ लिया है। कूरियर की बड़ी-बड़ी गाड़ियां और लोडर पूरे दिन सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जिससे पूरा रास्ता घिर जाता है। ऑफिस समय और स्कूल की छुट्टी के दौरान यहां भीषण जाम की स्थिति बन जाती है, लेकिन कूरियर कर्मियों को टोकने पर वे विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं। ऐतिहासिक मैदान पर अवैध दुकानें और नशेबाजों का डेरा कभी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की शान रहने वाला रामलीला मैदान अब अपनी पहचान खोता जा रहा है। मैदान के आस-पास धड़ल्ले से अवैध दुकानें सज रही हैं। हद तो तब हो जाती है जब शाम ढलते ही यह मैदान नशेबाजों और अराजक तत्वों का महफ़िलखाना बन जाता है। खुलेआम होने वाली नशेबाजी के कारण क्षेत्र की महिलाओं और बच्चियों का वहां से गुजरना दूभर हो गया है। चौकी की नाक के नीचे कानून को ठेंगा ,सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब कुछ रेलबाजार पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर हो रहा है। पुलिस की नाक के नीचे रोज कूरियर वाहन रास्ता रोकते हैं और नशेड़ी हुड़दंग मचाते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय जनता ने आलाधिकारियों से मांग की है कि इस रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और मैदान में गश्त बढ़ाकर नशेबाजों पर लगाम कसी जाए।
कूरियर वाहनों के कब्जे से जाम, रामलीला मैदान में नशेबाजों का डेरा