कानपुर। विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम सभा पतरसा में एक विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रीवैम्प इंडिया फाउंडेशन द्वारा अपने फ्लैगशिप प्रोजेक्ट “उद्धती” के अंतर्गत यूनिचार्म के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और किशोरियां शामिल हुईं। अभियान के दौरान 5000 से अधिक सेनेटरी पैड वितरित किए गए और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमण से बचाव तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कमलावती सिंह रहीं। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म को लेकर खुलकर चर्चा नहीं की जाती, जिसके कारण कई महिलाएं और किशोरियां स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने रीवैम्प इंडिया फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रीवैम्प इंडिया फाउंडेशन के सीईओ वैभव सिंह राठौर ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सेनेटरी पैड वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगी तभी वे परिवार और समाज दोनों को मजबूत बना सकेंगी। महिलाएं परिवार की नींव होती हैं और उनका स्वस्थ रहना पूरे परिवार के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि संस्था का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट “उद्धती” लगातार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक करने का कार्य कर रहा है। इस परियोजना के माध्यम से महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और आत्मविश्वास से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे सामाजिक संकोच से बाहर निकलकर बेहतर जीवन जी सकें।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों और टीम सदस्यों ने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई रखने के सही तरीके, नियमित रूप से सेनेटरी पैड बदलने की आवश्यकता, संक्रमण से बचाव तथा पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किशोरियों को यह भी बताया गया कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसे लेकर किसी प्रकार की झिझक या शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए।
ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बहुत कम आयोजित होते हैं, जबकि इसकी सबसे अधिक आवश्यकता ग्रामीण क्षेत्रों में ही है। महिलाओं ने कहा कि इस अभियान से उन्हें नई जानकारी मिली है और अब वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग रहेंगी। कई महिलाओं ने संस्था से भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
कार्यक्रम में रीवैम्प इंडिया फाउंडेशन की टीम के अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया। संस्था की ओर से कहा गया कि भविष्य में भी “उद्धती” परियोजना के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि ग्रामीण महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता का लाभ मिल सके।
मासिक धर्म स्वच्छता अभियान, महिलाओं को बांटे गए सेनेटरी पैड