पूर्व मंत्री मनोहर लाल की अमेरिका निवासी पुत्री का बड़ा आरोप: ‘सगे भाई ने फर्जी हस्ताक्षर कर हड़पी संपत्ति, डबल इंजन सरकार के आश्वासन से टूटा भरोसा, कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार,
नहीं मिला इंसाफ तो गृहमंत्री अमित शाह के द्वार खटखटाएंगी मधु सिंह’फर्जी दस्तावेजों के सहारे चल रहा था सरकारी विभागों और बैंकों में पैसों का खेल; मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट भतीजे पर भी हो चुका है जानलेवा हमला
मनीष गुप्ता
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से पारिवारिक विवाद और करोड़ों की संपत्ति की हेराफेरी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूर्व मंत्री स्वर्गीय मनोहर लाल की पुत्री और वर्तमान में अमेरिका निवासी मधु सिंह ने अपने ही सगे बड़े भाई रामकुमार के खिलाफ संपत्ति हड़पने और धोखाधड़ी करने के गंभीर व चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है और चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन से उन्हें जल्द ही इंसाफ नहीं मिला, तो वह देश की राजधानी दिल्ली में भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराएंगी। 2019 में हुआ धोखाधड़ी का भंडाफोड़, फर्जी हस्ताक्षर से चल रहा था खेल पीड़िता मधु सिंह के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2019 में उनके संज्ञान में आया था। उन्हें पुख्ता जानकारी मिली थी कि उनके बड़े भाई रामकुमार द्वारा कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों को आधार बनाकर विभिन्न बैंकों और अन्य सरकारी विभागों से उनकी बिना अनुमति के पैसों का अवैध रूप से आदान-प्रदान (लेन-देन) किया जा रहा है। इस धोखाधड़ी की भनक लगते ही मधु सिंह तुरंत अमेरिका से कानपुर आईं और मामले की जमीनी छानबीन में जुट गईं। सरकारी और बैंकिंग दस्तावेजों को खंगालने पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; दस्तावेजों से साफ जाहिर हो रहा था कि उनके भाई रामकुमार द्वारा उनके फर्जी हस्ताक्षर (Forged Signatures) तैयार कर पूरी संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने के सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक शिथिलता से क्षुब्ध: ‘डबल इंजन की सरकार’ से टूटा भरोसा धोखाधड़ी और जालसाजी के सारे पुख्ता साक्ष्य सामने आने के बाद मधु सिंह ने तत्काल प्रभाव से स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। उन्होंने पुलिस के समक्ष सारे दस्तावेज और सबूत भी प्रस्तुत किए, ताकि मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा सके। हालांकि, लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक इस गंभीर मामले का कोई तार्किक निस्तारण (समाधान) नहीं हो सका है। पुलिस की इसी सुस्त कार्यप्रणाली और टालमटोल वाले रवैये के चलते पीड़िता मधु सिंह का उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन सरकार’ पर से भरोसा उठ गया है।”मैं इस मामले को लेकर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर गुहार लगा चुकी हूँ। हर ऊंचे स्तर से मुझे सिर्फ आश्वासन का झुनझुना मिला है, जमीनी स्तर पर न्याय की एक किरण भी दिखाई नहीं दी। मधु सिंह, पीड़िता (पूर्व मंत्री की पुत्री) कानूनी मदद कर रहे एडवोकेट भतीजे पर हुआ जानलेवा हमला मामले में एक और बेहद गंभीर और डरावना मोड़ तब आया, जब पीड़िता ने बताया कि इस पूरी कानूनी लड़ाई में उनका सगा भतीजा (एडवोकेट उद्भव कुमार) उनकी पैरवी और मदद कर रहा है। मधु सिंह का आरोप है कि संपत्ति हड़पने की इस रंजिश और कानूनी कार्रवाई से बौखलाकर विपक्षियों द्वारा बीते दिनों उन्नाव जिले के सोहरामऊ थाने के पास एडवोकेट उद्भव कुमार पर एक जानलेवा हमला भी करवाया गया था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य कानूनी पैरवी को रोकना और उन्हें डराना-धमकाना था।
कमिश्नर से मुलाकात; अब दिल्ली कूच की तैयारी
इन्हीं तमाम गंभीर और जानलेवा परिस्थितियों को देखते हुए आज पीड़िता मधु सिंह ने कानपुर के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और लिखित शिकायत सौंपते हुए अपनी सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा की गुहार लगाई। एक तीखे सवाल के जवाब में मधु सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कानपुर जिला प्रशासन उन्हें इंसाफ दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहता है, तो वह चुप नहीं बैठेंगी। वह इस पूरे मामले को लेकर बहुत जल्द दिल्ली का रुख करेंगी और देश के गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र की हकीकत बयां करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी।