छात्रों की मेहनत देख विधायक ने लिया सुंदरीकरण का संकल्प
कानपुर। अमिताभ बाजपेई ने अपनी विधायक निधि से ऐतिहासिक तिलक मेमोरियल सोसायटी द्वारा संचालित अशोक लाइब्रेरी के सुंदरीकरण कार्य का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जब-जब उन्होंने इस लाइब्रेरी का निरीक्षण किया, तब यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पूरी लगन और मेहनत के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते मिले। बच्चों की मेहनत, अनुशासन और सपनों को देखकर उनके मन में इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी को और अधिक सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने का विचार आया, जिसका संकल्प आज पूरा हुआ।
उन्होंने कहा कि अशोक लाइब्रेरी केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि कानपुर की ऐतिहासिक, बौद्धिक और सामाजिक चेतना की जीवित धरोहर है। यहां से पढ़कर अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर प्रदेश और देश में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किए हैं।
1934 में महात्मा गांधी ने किया था लाइब्रेरी का उद्घाटन
अशोक लाइब्रेरी का इतिहास अत्यंत गौरवशाली एवं प्रेरणादायक रहा है। वर्ष 1925 में “तिलक मेमोरियल सोसायटी” की स्थापना बाल गंगाधर तिलक की स्मृति में सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सार्वजनिक भवन की स्थापना के उद्देश्य से की गई थी। संस्था के संस्थापक सदस्यों में लाला बिशम्भर नाथ, डॉ. मुरारी लाल, लाला चंगा मल, ज्वाला प्रसाद, अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी, नारायण प्रसाद अरोड़ा, पी. गंगाधर गणेश जोग एवं नारायण प्रसाद निगम जैसे प्रमुख व्यक्तित्व शामिल रहे। 26 सितंबर 1931 को अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा इस भवन की नींव रखी गई थी। इसके बाद 24 जुलाई 1934 को महात्मा गांधी ने इसका उद्घाटन किया तथा वर्ष 1940 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा इसका विधिवत लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा, आनंद मेहरोत्रा, प्रदीप द्विवेदी (गुड्डू), हर प्रकाश अग्निहोत्री, मूल चंद्र सेठ, मदन मोहन शुक्ला, संजय मेहरोत्रा, विजय पंडित, सुरेश गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला, हरिओम पांडे, सुरभित जायसवाल, दीपा यादव, गगन दीक्षित, पार्षद रजत बाजपेई सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।