सेवा और समर्पण को चिकित्सकों ने सराहा
कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आधुनिक नर्सिंग सेवा की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, सेवा भावना और मरीजों के प्रति उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने कहा कि मरीजों की सेवा करना सबसे बड़ी मानवता और भावना है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में रोगियों की देखभाल, उपचार और मानसिक संबल देने में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नर्सें केवल मरीजों की सेवा ही नहीं करतीं बल्कि कठिन परिस्थितियों में उनका मनोबल भी बढ़ाती हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता काफी हद तक नर्सिंग स्टाफ की कार्यशैली और समर्पण पर निर्भर करती है। कोविड काल जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी नर्सों ने जिस साहस और निष्ठा के साथ कार्य किया, वह हमेशा प्रेरणादायी रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीएमएस डॉ. अनीता गौतम, मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा द्विवेदी, डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल और डॉ. गरिमा गुप्ता मौजूद रहीं। वहीं नर्सिंग स्टाफ में प्रीथा, पूनम, मैट्रन मीरा, वंदिता, सीता, सबरा, करुणा, शोभा और सोनम सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारियों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की।
इसके अलावा हैलेट अस्पताल के सभागार में भी नर्सेस डे को उत्साहपूर्वक मनाया गया। सभी नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर इस दिन को यादगार बनाया। कार्यक्रम के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनका उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद लिया।
ईएमओ विनय कटियार ने अपनी कलात्मक प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. अनुराग राजोरिया, डॉ. नीलेश त्रिपाठी, सिस्टर सुनीता क्लॉडियस, सिस्टर रीनू विल्से और सिस्टर हेलन सहित अन्य चिकित्सा कर्मियों ने भी सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को समाज के लिए अमूल्य बताया गया।