कानपुर। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले जी.टी. रोड को जाम की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए रेलवे ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अनवरगंज से मंधना के बीच प्रस्तावित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना को हरी झंडी मिल गई है, जिसके साथ ही करीब 146 साल पुराने रेल इतिहास का एक अध्याय समाप्त होने जा रहा है। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के तहत रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशन को स्थायी रूप से बंद किया जाएगा और ट्रेनों के संचालन में बड़े स्तर पर बदलाव किए जाएंगे।
साल 1880 में स्थापित रावतपुर और कल्याणपुर स्टेशन लंबे समय से शहर की रेल व्यवस्था का अहम हिस्सा रहे हैं। ब्रिटिश काल में बने ये स्टेशन अब एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के चलते इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने के बाद अनवरगंज से मंधना के बीच पूरी रेल लाइन जमीन से ऊपर उठ जाएगी, जिससे शहर के बीच स्थित करीब 17 रेलवे क्रॉसिंग पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। इससे रोजाना लाखों लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से प्रतिदिन लगभग 50 लाख शहरवासियों को फायदा होगा, जिन्हें अब घंटों तक रेलवे फाटक बंद होने के कारण जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। रावतपुर, कल्याणपुर और गुमटी जैसे अत्यधिक व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और सड़क यातायात सुचारु रूप से चल सकेगा।
पुराने स्टेशनों के स्थान पर भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR) की जमीन पर एक नया अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन विकसित किया जाएगा। इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और इसे कानपुर मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन से उतरकर सीधे मेट्रो सेवा का लाभ मिल सकेगा। यह कदम शहर के परिवहन तंत्र को और अधिक स्मार्ट और सुलभ बनाएगा।
निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे ने विस्तृत डायवर्जन प्लान भी तैयार किया है। कासगंज और फर्रुखाबाद की ओर से आने वाली पैसेंजर ट्रेनें अब अनवरगंज तक नहीं आएंगी, बल्कि केवल मंधना स्टेशन तक ही संचालित की जाएंगी। वहीं प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेन ‘कालिंदी एक्सप्रेस’ को भी शिकोहाबाद-टूंडला मार्ग से कानपुर सेंट्रल तक लाया जाएगा। इसके अलावा मालगाड़ियों और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट में भी आवश्यकतानुसार परिवर्तन किए जाएंगे।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगा। एलिवेटेड ट्रैक बनने के बाद ट्रेनें बिना किसी रुकावट के शहर के ऊपर से गुजरेंगी, जबकि नीचे की सड़कें पूरी तरह से यातायात के लिए खुली रहेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
कुल मिलाकर, यह परियोजना कानपुर के शहरी ढांचे में एक बड़ा बदलाव साबित होने जा रही है, जो आने वाले वर्षों में शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक मुक्त कर देगी और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
जीटी रोड को जाम से राहत: अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड ट्रैक को हरी झंडी, 146 साल पुराने स्टेशन होंगे बंद