जनसुनवाई में अधिकारियों को चेतावनी, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
कानपुर—अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुण्डे ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक और जनसुनवाई की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने एससी-एसटी वर्ग से जुड़े लंबित मामलों की गहन समीक्षा की और फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।
बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वंचित और शोषित वर्ग को न्याय दिलाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान आयोग ने विभिन्न विभागों में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और एससी-एसटी उत्पीड़न से जुड़े मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी देखी। पुलिस, समाज कल्याण और विकास से जुड़े विभागों को निर्देशित किया गया कि वे योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाएं।
जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी विभागों को समय-सीमा तय कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि पीड़ितों को न्याय के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में पुलिस उपायुक्त (क्राइम), एसीपी सिटी, एडीएम (न्यायिक), तहसीलदार सदर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।