भीषण गर्मी से बिगड़ रहा मानसिक संतुलन, कानपुर में बढ़े चिड़चिड़े और आक्रामक मरीज

44°C के आसपास पहुंचा पारा, मानसिक रोग विभाग में मरीजों की संख्या में इजाफा

छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा, टॉलरेंस की कमी और झगड़े की प्रवृत्ति बढ़ी

डॉक्टरों की सलाह: योग, दिनचर्या और समय पर इलाज से रखें संतुलन

कानपुर।
अप्रैल माह में ही पड़ रही भीषण गर्मी अब केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालने लगी है। शहर में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 7 बजे के बाद ही तेज धूप की तपिश महसूस होने लगती है और दोपहर तक गर्मी विकराल रूप धारण कर लेती है। पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से आमजन का जीना मुहाल हो गया है।

इस भीषण गर्मी का असर अब लोगों के व्यवहार में भी साफ नजर आने लगा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बेचैनी और सहनशीलता की कमी तेजी से बढ़ी है।

मानसिक रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. धनंजय चौधरी के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी का सीधा असर मानव मस्तिष्क और व्यवहार पर पड़ता है। शरीर का तापमान बढ़ने से मानसिक संतुलन प्रभावित होता है, जिससे व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाता है और कई बार स्थिति झगड़े तक पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि इन दिनों ऐसे मामलों में निरंतर बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के कारण नींद की कमी, थकान, डिहाइड्रेशन और तनाव जैसे कारक भी मानसिक असंतुलन को बढ़ावा देते हैं। यही वजह है कि सामान्य व्यक्ति भी असामान्य व्यवहार करने लगता है। परिवारों में विवाद और सामाजिक तनाव के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है।

तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड
इस बार अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग ने लू को लेकर चेतावनी जारी की है। शहर में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। सीएसए के वेदर स्टेशन पर सोमवार को अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है। इससे पहले वर्ष 1965 में अप्रैल माह में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं एयरफोर्स स्टेशन पर पारा 43.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दो दिनों तक तेज लू चलने की संभावना बनी हुई है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर में चलने वाली गर्म हवाएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन रही हैं। हालात ऐसे हैं कि दिन में बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।

डॉक्टरों की सलाह
विशेषज्ञों ने इस मौसम में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। नियमित योग, ध्यान और हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करने से मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचाव करना और संतुलित आहार लेना भी जरूरी है।

डॉ. चौधरी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक गुस्सा, तनाव, घबराहट या व्यवहार में अचानक बदलाव महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर उपचार से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

स्थिति चिंताजनक, सावधानी जरूरी
भीषण गर्मी के इस दौर में बढ़ती मानसिक समस्याएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग न केवल अपने शरीर बल्कि अपने मन का भी ख्याल रखें, ताकि इस तपती गर्मी के असर से खुद को सुरक्षित रखा जा सके।

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