कानपुर-कानपुर में कानून व्यवस्था और विपक्षी नेताओं के सम्मान को लेकर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के दिग्गजों ने हुंकार भरी फतेहपुर सांसद नरेश उत्तम पटेल के आवास पर हुए हमले और महाराजपुर में वेद विद्या पीठ के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में सपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात की नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है मामला 17-18 अप्रैल 2026 का है, जब बर्रा स्थित दामोदर नगर में सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल के आवास पर भाजपा महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रदर्शन किया था। सपा का आरोप है कि यह प्रदर्शन सुनियोजित तरीके से हिंसक बनाया गया प्रदर्शनकारियों ने सांसद की नेम प्लेट पर जूते-चप्पल फेंके और पोस्टर-बैनर फाड़ दिए, सांसद नरेश उत्तम पटेल ने गंभीर आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ लेकिन उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया गया, सपा ने इसे ‘ओबीसी समुदाय का अपमान’ और भाजपा की हताशा करार दिया है प्रतिनिधि मंडल ने महाराजपुर के रामानुज भागवत वेद विद्या पीठ में छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया सपा नेताओं ने पुलिस आयुक्त से पूछा कि इस मामले में अब तक जांच कहां तक पहुंची है उन्होंने मांग की कि छात्र के परिवार को न्याय मिले और यदि इसमें कोई साजिश है, तो उसका खुलासा जल्द से जल्द हो, प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे विधायकों और सांसदों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए “जिस तत्परता से विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, वैसी ही सख्ती भाजपा कार्यकर्ताओं के अमर्यादित और हिंसक व्यवहार पर क्यों नहीं दिखाई जा रही? लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि के घर पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता शामिल रहे नसीम सोलंकी विधायक, अमिताभ बाजपेई विधायक, राजाराम पाल सांसद, हसन रूमी विधायक इरफान सोलंकी पूर्व विधायक पटेल सेवा संस्थान के पदाधिकारी एवं अन्य स्थानीय नेता समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इन दोनों प्रकरणों में जल्द ही ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
नरेश उत्तम पटेल के आवास पर हमले को बताया साजिश, छात्र मामले में निष्पक्ष जांच की उठी मांग