कानपुर—कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सतर्कता विभाग और सुरक्षा बल की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया गया, जो खुद को रेलवे का अधिकारी बताकर यात्रियों पर रौब झाड़ रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान संजय कुमार के रूप में हुई है, जिसके पास से रेल मंत्रालय का कूटरचित (फर्जी) पहचान पत्र बरामद हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी नई दिल्ली से वाराणसी जा रही शिवगंगा एक्सप्रेस में सफर कर रहा था। यात्रा के दौरान वह खुद को रेलवे का उच्च अधिकारी बताकर न केवल यात्रियों बल्कि ऑन-ड्यूटी स्टाफ पर भी धौंस जमा रहा था। उसके संदिग्ध व्यवहार और गतिविधियों को देखकर सहयात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद इसकी सूचना तत्काल विजिलेंस टीम को दी गई।
जैसे ही ट्रेन कानपुर सेंट्रल के प्लेटफॉर्म पर पहुंची, पहले से मुस्तैद विजिलेंस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने उसे ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। सघन तलाशी के दौरान उसके पास से रेल मंत्रालय का एक पहचान पत्र मिला, जो जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी अधिकारियों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने के लिए करता था। जांच एजेंसियां अब उन लोगों का पता लगाने में जुटी हैं, जो उसकी जालसाजी का शिकार हुए हैं, साथ ही उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है।
रेलवे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे में फर्जी आईडी और वर्दी के जरिए ठगी करने वाले गिरोह पहले भी सक्रिय रहे हैं और इस मामले की गहराई से जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर संदिग्ध व्यवहार करे या अवैध मांग करे, तो तुरंत ‘रेल मदद’ हेल्पलाइन या जीआरपी को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यात्रियों पर रौब, जेब में फर्जी आईडी—कानपुर सेंट्रल पर शातिर गिरफ्तार