कानपुर। रामादेवी स्थित कैलाश मेडिकल सेंटर एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अस्पताल के संचालक डॉ. जितेंद्र शर्मा और मैनेजर रणधीर सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए आचार्य नगर निवासी क्रिकेट खिलाड़ी उत्कर्ष द्विवेदी ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।पीड़ित उत्कर्ष द्विवेदी का आरोप है कि बीते वर्ष जुलाई में उनकी माँ को इलाज के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन लापरवाही और मानकों के विपरीत उपचार के चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही वह लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उत्कर्ष का कहना है कि अस्पताल प्रशासन पर मुख्य चिकित्साधिकारी का “आशीर्वाद” है, जिसके चलते नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में शिकायत की तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही डांटकर भगा दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ चकेरी थाने में रंगदारी का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। इससे पूरा मामला और भी संदिग्ध हो गया है।
थक-हारकर अब खिलाड़ी ने जिलाधिकारी की शरण ली है और लिखित प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।अब सवाल उठता है कि क्या इस मामले में सच सामने आएगा या फिर आरोप-प्रत्यारोप के बीच न्याय एक बार फिर उलझ कर रह जाएगा।
माँ की मौत पर सियासत या सच दबाने की साजिश? अस्पताल पर गंभीर आरोप, खिलाड़ी ने डीएम से लगाई गुहार