सीडीओ दीक्षा जैन ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश
कानपुर। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन की अध्यक्षता में शनिवार को मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में सदर तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। जनसुनवाई के दौरान कुल 104 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से आठ का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के दौरान कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरियादियों को तत्काल राहत दी गई। ग्राम भिसार निवासी नरेंद्र सिंह की खतौनी में नाम संशोधन का मामला मौके पर ही लेखपाल को निर्देशित कर ठीक कराया गया। वहीं चकेरी निवासी रामबाबू की खतौनी में पूर्व आदेश अंकित न होने की समस्या भी तुरंत दूर कर दी गई।
राजीव विहार, नौबस्ता निवासी कुंती पांडेय द्वारा विधवा पेंशन खाते में न आने की शिकायत पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की चारों किस्तें उनके खाते में भेजी जा चुकी हैं, जिससे प्रार्थिनी संतुष्ट नजर आईं। इसी प्रकार ग्राम जरौली निवासी मालती द्विवेदी की खतौनी संबंधी समस्या का भी मौके पर निस्तारण किया गया।
ग्राम उदयपुर निवासी कुमारी सोनी के आय प्रमाण पत्र के लिए शिविर में ही ऑनलाइन आवेदन कर तत्काल प्रमाण पत्र जारी किया गया। कल्याणपुर निवासी सरवर अली के प्रार्थना पत्र पर उनके पिता के शस्त्र लाइसेंस को सरेंडर कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी को निर्देशित कर शस्त्र जमा कराया गया। मसवानपुर निवासी सृजना देवी की खतौनी में नाम संशोधन का मामला भी मौके पर ही सुलझाया गया।
प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग के 32, पुलिस विभाग के 16, नगर निगम के 14, केडीए के नौ, केस्को के सात, डूडा के तीन तथा जलकल विभाग के दो प्रकरण शामिल रहे, जबकि अन्य शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित थीं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर, 26 को मौके पर मिला यूडीआईडी कार्ड
संपूर्ण समाधान दिवस के साथ ही मर्चेंट चेंबर सभागार में दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
कुल 38 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कराए गए, जिनमें से 26 को मौके पर ही प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड जारी कर दिए गए। 11 आवेदनों को विस्तृत परीक्षण के लिए रेफर किया गया, जबकि एक आवेदन निरस्त कर दिया गया।
इसके अतिरिक्त आठ दिव्यांगजनों को आय प्रमाण पत्र जारी किए गए, तीन का पंजीकरण दिव्यांग पेंशन योजना में हुआ तथा चार को सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत चिन्हित किया गया। साथ ही एक दिव्यांगजन का इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में एनपीसीआई लिंक्ड खाता खोलकर एटीएम कार्ड भी प्रदान किया गया।
इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, तहसीलदार सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।