कानपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, कानपुर नगर की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को जल संस्थान, बेनाझाबर स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित हुई। बीएल गुलाबिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ‘महासंग्राम आंदोलन’ का बिगुल फूंक दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा ने प्रांतीय स्तर पर प्रस्तावित आंदोलन की रूपरेखा विस्तार से प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनर्स के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे देश और प्रदेश के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को उनका पूर्ण लाभ नहीं दिया गया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में पेंशनर्स एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे।
आंदोलन की रणनीति के तहत पहले चरण में बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत एक हजार से अधिक पेंशनर्स के हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। इसके बाद 21 अप्रैल को कानपुर में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी पेंशनर्स से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक साथियों को जोड़कर आंदोलन को मजबूत बनाएं।
बैठक में आरपी श्रीवास्तव (एडवोकेट) ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश में पेंशनर्स की संख्या काफी बड़ी है और उनकी अनदेखी सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक परिणाम ला सकती है।
बैठक में सरदार इन्द्रजीत सिंह गिल, बेचे लाल कुशवाहा, रविन्द्र कुमार मधुर, जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय, भोला नाथ पाल, शाहनाज बेगम, विमला मिश्रा, मेवालाल कनौजिया, अशोक कुमार शर्मा, संतोष कुमार त्रिपाठी, राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी, प्रेमनारायण, ताराचंद सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सभी ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
पेंशनरों का आंदोलन ऐलान