ललितपुर—महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के तहत जनपद में अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहां जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा रोहिणी को एक दिन के लिए जिलाधिकारी नियुक्त किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर रोहिणी का बुके देकर स्वागत किया गया और उन्हें प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
एक दिन की जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालते हुए रोहिणी ने पूरी गंभीरता और आत्मविश्वास के साथ फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। इस दौरान रोहिणी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि बालिकाओं को एक दिन का अधिकारी बनाना केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं, बल्कि उनके भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस तरह की पहल से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ता है, जागरूकता आती है और वे भविष्य में समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होती हैं। उन्होंने इसे एक “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि इससे बालिकाएं प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने के लिए तैयार होंगी।
यह पहल मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। जिले में इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर मिशन शक्ति के विशेष अभियान फेज-0.5 के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें महिलाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इन योजनाओं में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, निराश्रित महिला पेंशन योजना और शक्ति सदन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों से संबंधित कानूनों—जैसे घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम और कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम—की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें।
कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। इस पहल को लेकर जनपद में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और लोग इसे बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
छात्रा रोहिणी बनीं एक दिन की जिलाधिकारी