कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में सामाजिक समरसता, प्रतिभा सम्मान और भाईचारे के संदेश को समर्पित ‘द्वितीय स्नेह महोत्सव एवं सम्मान समारोह’ का भव्य और गरिमामयी आयोजन पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा और शहर के विभिन्न वर्गों से आए लोगों की उपस्थिति ने इसे यादगार बना दिया।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राकेश सचान, प्रतिभा शुक्ला और महेश त्रिवेदी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत से ही मंच पर गरिमा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
अपने संबोधन में राकेश सचान ने कहा कि समाज के विकास की नींव स्नेह और सम्मान पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल समाज में एकता मजबूत होती है, बल्कि उन प्रतिभाओं को भी पहचान मिलती है जो सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण कार्य कर रही हैं।
वहीं प्रतिभा शुक्ला ने महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि सरकार हर उस प्रतिभा के साथ खड़ी है जो आगे बढ़कर समाज और देश का नाम रोशन करना चाहती है। विधायक महेश त्रिवेदी ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कानपुर हमेशा से प्रतिभाओं की धरती रहा है और ऐसे मंच उन्हें नई उड़ान देते हैं।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल तब आया जब पैरा स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके जुड़वां भाई राहुल गुप्ता और रोहित गुप्ता को मंच पर सम्मानित किया गया। दोनों भाइयों ने शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए जिस प्रकार खेल जगत में उपलब्धियां हासिल की हैं, उसने सभी को भावुक कर दिया।
मंच पर उपस्थित मंत्रियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। इस दौरान पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी और उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर उनका सम्मान किया।
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में संयोजक राजकुमार तिवारी और सह-संयोजक धर्मेंद्र तिवारी की अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभाला और हर व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा।
राजकुमार तिवारी ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों और जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘स्नेह महोत्सव’ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का एक सतत अभियान है, जिसे हर वर्ष और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।
समारोह में शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी, शिक्षाविद्, युवा और विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
कुल मिलाकर ‘द्वितीय स्नेह महोत्सव’ ने न केवल सामाजिक एकता और सम्मान का संदेश दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि कानपुर की धरती पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है—बस जरूरत है उन्हें सही मंच और पहचान देने की।
स्नेह महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब