कानपुर—शहर की सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और नागरिक सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शुक्रवार को मोतीझील से लेकर यशोदा नगर तक मैराथन निरीक्षण किया। कई इलाकों में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, लेकिन जहां भी लापरवाही दिखी, वहां उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए जिम्मेदारों को चेतावनी दी कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब नगर आयुक्त ने कूड़ा संग्रहण गाड़ी पर लिखे टोल-फ्री नंबर पर मौके से कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इस पर उन्होंने तत्काल कार्यदायी संस्था मेसर्स जेटीएन के खिलाफ ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायत निस्तारण प्रणाली मजबूत होना जरूरी है, अन्यथा एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जोन-2 के कृष्णा नगर (वार्ड-24) में कूड़ा संग्रहण व्यवस्था की जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 417 घरों में से 395 घरों से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग लिया जा रहा है। नगर आयुक्त ने इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि शत-प्रतिशत सेग्रीगेशन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।
न्यू डिफेंस कॉलोनी में निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासी अवधेश मिश्रा ने शिकायत की कि कूड़ा गाड़ी तो नियमित आती है, लेकिन झाड़ू एक दिन छोड़कर लगती है। इसके साथ ही क्षेत्र में कई स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या भी सामने आई। इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उसी दिन सभी खराब लाइटों को दुरुस्त कराया जाए और सफाई व्यवस्था को नियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान ही बेहतर प्रशासन की पहचान है।
वार्ड-66 पशुपति नगर में क्षेत्रीय पार्षद अभिनव शुक्ला ‘गोलू’ ने सीओडी नाले पर रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर जोनल अभियंता ने बताया कि IIT Kanpur की डिजाइन में बदलाव के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। नगर आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा किया जाए, ताकि जलभराव जैसी समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
इसी क्रम में शनिदेव मंदिर के पास और देहली सुजानपुर मार्ग पर कूड़े के ढेर में आग लगी मिलने पर नगर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने वार्ड-47 के सफाई पर्यवेक्षक अनिल को नोटिस देने और सफाई कर्मचारी रामकिशन का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कूड़ा जलाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है। आगे से यदि कहीं भी कूड़ा जलता पाया गया, तो सीधे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
आगामी ईद पर्व को देखते हुए नगर आयुक्त ने बड़ी ईदगाह क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सफाई, जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए गए कि मुतवल्ली के साथ समन्वय स्थापित कर सभी तैयारियां समय से पूरी की जाएं, ताकि ईद के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नगर निगम मुख्यालय स्थित आईजीआरएस पटल के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को लेकर भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस दिन शिकायत प्राप्त हो, उसी दिन शिकायतकर्ता से संपर्क कर समस्या का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। लंबित शिकायतों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने मोतीझील, कारगिल पार्क, अमर जवान चौक, कोकाकोला चौराहा, गुमटी नंबर-5, जरीब चौकी, अफीम कोठी, झकरकटी बस अड्डा, टाटमिल, सीओडी पुल और श्याम नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और कूड़ा उठान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का सहयोग भी बेहद जरूरी है—लोग कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें और गीले-सूखे कूड़े को अलग-अलग रखें, तभी स्वच्छता अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
निरीक्षण में सख्ती, सफाई पर फोकस