कानपुर/मुंबई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र रवाना हुआ। गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी के नेतृत्व में भेजे गए इस दल का उद्देश्य श्रमिक/लेबर कॉलोनियों में रहने वाले निवासियों को उनके मकानों का मालिकाना हक दिलाने के लिए महाराष्ट्र मॉडल का अध्ययन करना है। प्रतिनिधिमंडल में श्रम मंत्रालय उत्तर प्रदेश की राज्य परामर्शदाता समिति के सदस्य अधिकारी तथा मोदीनगर से विधायक डॉ मंजू सिवाच शामिल रहीं। महाराष्ट्र पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने वहां के लेबर कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब साढ़े चार घंटे तक मैराथन बैठक की। बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से महाराष्ट्र की श्रमिक कॉलोनियों पर आधारित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें मालिकाना हक दिए जाने की प्रक्रिया, शर्तें और प्रशासनिक समन्वय को विस्तार से समझाया गया।
बैठक के बाद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार की संयुक्त टीम ने मुंबई की विभिन्न श्रमिक कॉलोनियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बॉम्बे डाइंग सहित 60 से अधिक बंद पड़ी मिलों के श्रमिकों को दी गई कॉलोनियों का भी जायजा लिया गया।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि वे स्वयं 42 वर्षों तक कानपुर की श्रमिक कॉलोनी में रहे हैं और पिछले 15 वर्षों से इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समिति दो दिवसीय अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से उत्तर प्रदेश शासन को सौंपेगी। होली के बाद लखनऊ में होने वाली बैठक में बिंदुवार एजेंडा रखकर इसे कैबिनेट निर्णय का आधार बनाया जाएगा।
श्रमिक कॉलोनियों को मालिकाना हक दिलाने की पहल तेज