अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल से बढ़ी तैयारियां, एबीसी अग्निशामक व फायर हाइड्रेंट से आग पर काबू पाने का अभ्यास

कानपुर।
जैनपुर स्थित जामा कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कानपुर देहात, नागरिक सुरक्षा कोर कानपुर देहात तथा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फायर सेफ्टी मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में अग्नि सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार का व्यापक प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों को परखना और कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण देना रहा।
मॉक ड्रिल के दौरान एबीसी टाइप अग्निशामक यंत्र का प्रयोग कर आग को बढ़ने से रोकने का अभ्यास कराया गया। इसके बाद फायर हाइड्रेंट सिस्टम को चालू कर पास के प्लांटों की सुरक्षा के लिए पानी की दीवार बनाई गई, जिससे अत्यधिक ताप का प्रभाव आसपास के संयंत्रों तक न पहुंचे। ड्रिल में एक काल्पनिक घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।
अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन आपदा विशेषज्ञ अश्वनी वर्मा, लखन कुमार शुक्ला (मुख्य प्रशिक्षक, आपदा प्रबंधन) और योगेश मिश्रा (डायरेक्टर, फायर कॉलेज) की देखरेख में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान लखन कुमार शुक्ला ने बताया कि ड्रिल में काल्पनिक ऑयल/केमिकल फायर की स्थिति बनाकर वास्तविक फायर फाइटिंग कराई गई, जिसमें कंपनी की फायर सेफ्टी टीम, रेस्क्यू टीम, प्राथमिक उपचार टीम और साइट सेफ्टी टीम ने समन्वित प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना या दुर्घटना के तीन मुख्य कारण लापरवाही, अज्ञानता और जल्दबाजी होते हैं। यदि इनसे बचा जाए तो बड़े हादसों को रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी समझाया कि आग तभी लगती है जब ऑक्सीजन, ईंधन और उचित ताप—ये तीनों तत्व एक साथ मिलते हैं। इन तीनों में से किसी एक को कम या समाप्त कर दिया जाए तो आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
प्रशिक्षण में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों पर भी विशेष जोर दिया गया। सीपीआर द्वारा कृत्रिम श्वास देकर मरीज के जीवन को कैसे बचाया जा सकता है, इसका व्यावहारिक डेमो दिया गया। बताया गया कि घायलों की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण समय पर फर्स्ट एड न मिल पाना है। ‘गोल्डन आवर’ में रक्तस्राव रोकने, तिकोनी पट्टी के प्रयोग और सीपीआर जैसी तकनीकों से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
इस अवसर पर प्लांट की ओर से आकांक्षा बाजपेयी, प्रमोद कुमार, नीरज सिंह, राहुल गौतम सहित सुरक्षा अधिकारी, कर्मचारी, अग्निशमन टीम, प्राथमिक चिकित्सा दल और बचाव दल के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मॉक ड्रिल में सक्रिय भागीदारी करते हुए औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रति सजगता का संदेश दिया।

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