कानपुर। अनमोल सेवा संस्थान द्वारा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन हरिहरनाथ शास्त्री भवन सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि राकेश सचान (मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग), महेश प्रसाद गुप्त (मयूर ग्रुप) के साथ संस्था अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, स्वागत अध्यक्ष अमरनाथ मल्होत्रा, समारोह अध्यक्ष दीपक मालवीय एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. राधेश्याम मिश्र उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि राकेश सचान ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और कवि अपनी लेखनी से समाज को सदैव जागृत करता रहा है। चाहे किसी भी कालखंड या शासन व्यवस्था का समय रहा हो, कवियों ने देश की दिशा और दशा को उजागर करने का कार्य किया है। विशिष्ट अतिथि नीलिमा कटियार ने कहा कि कविता समाज को जोड़ने का माध्यम है। जैसे दर्पण व्यक्ति की छवि दिखाता है, वैसे ही कविता समाज की अच्छाइयों और कुरीतियों को सामने लाने का कार्य करती है। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से आए ख्यातिप्राप्त कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को हास्य, शृंगार, वीर रस और देशभक्ति से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. राधेश्याम मिश्र ने भावपूर्ण गीत “जो दुनिया का सृजन हारा, वही तुम्हारा एक सहारा” प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। संचालन कर रहे डॉ. अनिल बाजपेई (हापुड़) ने व्यंग्यात्मक रचना “ढूंढा एक हजार मिले, सब के सब मक्कार मिले” प्रस्तुत की।
डॉ. निवेदिता शर्मा (गाजियाबाद) ने शृंगार रस में “कभी इंकार की बातें, कभी इजहार की बातें” सुनाईं, वहीं साहिल भदावरी (दिल्ली) ने प्रेरणादायी पंक्तियों से श्रोताओं में उत्साह भरा। अखिलेश पुरोहित (नोएडा) ने अनुभव और संघर्ष पर आधारित रचना प्रस्तुत की, जबकि पी.के. आजाद (गाजियाबाद) ने वीर रस की ओजस्वी कविता से श्रोताओं को जोश से भर दिया। आतिश सोलंकी ने भी प्रभावशाली काव्य पाठ कर सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश गुप्ता, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश खादी ग्राम उद्योग महासंघ ने की। इस अवसर पर दीपक मालवीय, डॉ. आर.के. अग्निहोत्री, विशाल अग्रवाल, अमरनाथ मल्होत्रा, रामेश्वर लाला भैया, सुनील बजाज, कृपा शंकर त्रिवेदी, महेंद्र गुप्ता, सुशील गुप्ता, सुरेश सचान, प्रेम नारायण सोमानी, चंद्रहास कटिहार, डॉ. प्रमोद त्रिपाठी, डॉ. अर्चना त्रिपाठी सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों और साहित्यकारों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन संस्था पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों, कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह में साहित्य, हास्य और देशभक्ति का संगम