कानपुर। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर–1 (आईआईटी–नौबस्ता) के अंतर्गत तीसरे चरण में मेट्रो सेवा को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक विस्तारित करने की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में बारादेवी से नौबस्ता तक बनने वाले पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों—बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता—पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले सभी लिफ्टों का इंस्टॉलेशन कार्य पूरा कर लिया गया है।
इन पांचों एलिवेटेड स्टेशनों पर कुल 20 लिफ्ट स्थापित की गई हैं। प्रत्येक स्टेशन पर प्रवेश द्वार से कॉनकोर्स और कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म तक आवागमन के लिए चार-चार लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। लिफ्टों की लोड टेस्टिंग प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है, जिससे इनके सुरक्षित संचालन की पुष्टि हो चुकी है।
इसके साथ ही इन स्टेशनों पर प्रस्तावित कुल 15 एस्केलेटर के इंस्टॉलेशन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यात्रियों की सुविधा, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों को ध्यान में रखते हुए इन आधुनिक सुविधाओं को डिजाइन किया गया है। उल्लेखनीय है कि सभी लिफ्ट ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत में निर्मित हैं, जिससे स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिल रहा है।
कॉरिडोर–1 के बैलेंस सेक्शन के अंतर्गत झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर अंडरग्राउंड स्टेशनों पर भी सिस्टम इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इन अंडरग्राउंड स्टेशनों पर अधिकांश एस्केलेटर और लिफ्ट लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्य अंतिम चरण में है।
इस बीच उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि कानपुर मेट्रो परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और ऊर्जा दक्ष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत सभी स्टेशनों पर आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मेट्रो के विस्तारित होने से शहर के दक्षिणी हिस्से के लाखों लोगों को तेज़, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का लाभ मिलेगा।