कानपुर में सिटी बस सेवा बंद होने के बाद 164 परिचालक बेरोजगार हो गए हैं। प्रभावित ड्राइवर और कंडक्टरों ने शुक्रवार को परिवहन निगम के रीजनल मैनेजर (आरएम) कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया और अब अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया है।
नौकरी बहाली या समायोजन की मांग
धरने पर बैठे कंडक्टरों ने मांग की कि उनकी सेवाएं बहाल की जाएं या उन्हें परिवहन निगम में समायोजित किया जाए। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों के पास अनुबंध पत्र सुरक्षित नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अनुबंध पत्र गुम होने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि 23 दिसंबर 2025 को उन्होंने एमडी को पत्र सौंपा था। इस पर आरएम कार्यालय की ओर से बताया गया कि उनके अनुबंध के कागजात उपलब्ध नहीं हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लगातार अधिकारियों को पत्र दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। पिछले पांच दिनों से वे धरने पर बैठे हैं।
बसों की नीलामी के बाद संकट
नगरीय निदेशालय के माध्यम से संचालित सिटी बसों की अवधि अक्टूबर 2025 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद विभाग ने बसों की नीलामी कर दी। कर्मचारियों का कहना है कि नई बसें उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे वे अचानक बेरोजगार हो गए। उनका आरोप है कि पहले ड्राइवरों को हटाया गया और अब कंडक्टरों को निशाना बनाया जा रहा है।
कई संविदा परिचालक रहे मौजूद
धरने में अभिनव शुक्ला, राजेश तिवारी, विमल, दीपक, हरिशंकर, विपिन, अजय श्रीवास्तव सहित अन्य संविदा परिचालक मौजूद रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।