लैंबॉर्गिनी हादसे में सख्त कार्रवाई

कानपुर—शहर के बहुचर्चित ग्वालटोली लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रारंभिक जांच के दौरान लापरवाही के आरोप लगते ही पुलिस आयुक्त ने सख्त कदम उठाते हुए ग्वालटोली थाना प्रभारी संतोष गौड़ को तत्काल प्रभाव से हटा (साइड लाइन) दिया है। पुलिस आयुक्त की इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब चर्चित तंबाकू कारोबारी और लैंबॉर्गिनी कार के मालिक शिवम मिश्रा के पिता के.के. मिश्रा सोमवार को अचानक अपने आवास से निकलकर सीधे ग्वालटोली थाने पहुंचे। उनके आवास के बाहर मीडिया का भारी जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान के.के. मिश्रा ने संक्षिप्त बयान देते हुए कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी पुलिस को देंगे और अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
के.के. मिश्रा के थाने पहुंचते ही पुलिस विभाग में हलचल और तेज हो गई। डीसीपी (जोनल) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं थाने में मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते नजर आए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, के.के. मिश्रा का विस्तृत बयान दर्ज किया गया है। बयान के दौरान पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि दुर्घटना के समय वास्तव में वाहन कौन चला रहा था और क्या किसी स्तर पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई है।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अब इस मामले की जांच स्थानीय स्तर से हटाकर उच्चाधिकारियों की सीधी निगरानी में कराई जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दुर्घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को दोबारा खंगाला जा रहा है, ताकि घटना के सही क्रम और कार की वास्तविक गति का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही कार की स्पीड, तकनीकी पहलुओं और संभावित मैकेनिकल एंगल की जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।थाना प्रभारी को हटाए जाने के बाद इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में किसी भी दबाव या प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।गौरतलब है कि बीते दिनों ग्वालटोली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार से हुई भीषण दुर्घटना के बाद से ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। अब पुलिस आयुक्त की सख्ती और थाना प्रभारी को हटाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है और आमजन की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे जांच किस दिशा में जाती है।

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