कानपुर— औद्योगिक नगरी कानपुर के मोतीझील स्थित लॉन नंबर-02 में भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास की अद्भुत छटा देखने को मिलने जा रही है। श्री बांके बिहारी जी परिवार समिति द्वारा आयोजित ‘प्रथम महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ रविवार, 8 फरवरी 2026 को कलश एवं पोथी यात्रा के साथ किया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन में श्रीमद्भागवत कथा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दिव्य झांकियों का मनोहारी संगम शहरवासियों को आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।
महोत्सव का विधि-विधान से शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे मलिक रेजिडेंसी होटल, 80 फिट रोड से निकाली जाने वाली भव्य कलश एवं पोथी यात्रा से होगा। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई मोतीझील स्थित कथा स्थल पर पहुंचेगी। दोपहर 2:00 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का मंगल गान आरंभ होगा। इस शुभ अवसर पर दैनिक जागरण के चेयरमैन महेंद्र मोहन और कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
विश्व प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी (वृंदावन) अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य रसपान कराएंगे। उनकी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण प्रवचन से श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हो जाएंगे। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दिल्ली के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा आकर्षक नृत्य नाटिकाएं और मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो भक्तों को वृंदावन की लीला भूमि का सजीव अनुभव कराएंगी।
आयोजकों ने बताया कि प्रतिदिन कथा के उपरांत ओम जय जगदीश मंडल द्वारा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। महोत्सव का समापन 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य रूप से होगा। इस दिन प्रातः 9:00 बजे नैमिषारण्य से पधारे विद्वान आचार्यों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक संपन्न कराया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे अखंड ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा।
भजन संध्या में कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक विवेक शर्मा, दिल्ली की रितु पांचाल और कानपुर के सुप्रसिद्ध भजन गायक कृष्ण कुमार तुलस्यान (पट्टू भैया) अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से भक्तों को भक्ति रस में डुबो देंगे प्रेसवार्ता के दौरान श्री बांके बिहारी जी परिवार समिति के संजय गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, पंकज वर्मा, राम किशन अग्रवाल, विनोद मोरारका, अनुपम अग्रवाल, स्वरूप निगम, राजीव अग्रवाल, अजय अग्रवाल, विजय पाल सहित अन्य पदाधिकारी और सेवादार उपस्थित रहे। समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस प्रथम महोत्सव का हिस्सा बनें और भक्ति की इस पावन धारा में स्वयं को सहभागी करें।