एमडी सुशील कुमार की उपस्थिति में ‘अप-लाइन’ पर कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो ट्रेन का टेस्ट रन प्रारंभ
कानपुर-कानपुर मेट्रो ने एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल कर लिया कानपुर मेट्रो की ट्रेन ने पहली बार टेस्ट रन के दौरान ‘अप-लाइन’ पर कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता स्टेशन तक यात्रा पूरी की इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक (वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर) सी.पी सिंह, निदेशक (परिचालन) प्रशांत मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे इस उपलब्धि के साथ ही कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवा के विस्तार की तैयारियां अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं आने वाले दिनों में इस रूट की ‘अप-लाइन’ पर नियमित टेस्टिंग प्रक्रियाएं की जाएंगी कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक सभी स्टेशनों पर शेष निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं कॉरिडोर-1 के अंतर्गत वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक संचालित मेट्रो सेवा शीघ्र ही अपने अंतिम स्टेशन नौबस्ता तक विस्तारित होगी कानपुर सेंट्रल के आगे दो अंडरग्राउंड स्टेशन- झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर – तथा पांच एलिवेटेड स्टेशन – बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता – निर्मित किए गए हैं इस क्रम में आज से आरंभ हुई टेस्टिंग प्रक्रिया का विशेष महत्व है, जिसके अंतर्गत मेट्रो प्रणाली एवं नवनिर्मित सेक्शन की यात्री सुरक्षा के दृष्टिगत गहन जांच की जाती है हाल के दिनों में कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक ‘अप-लाइन’ पर ट्रैक, थर्ड रेल सिस्टम, सिग्नलिंग आदि के कार्य पूरे होने के बाद आज मेट्रो ट्रेन को टेस्ट रन के लिए नौबस्ता तक ले जाया गया इस दौरान ट्रैक, पावर सप्लाई एवं अन्य इंटरफेसों की जांच की गई इससे प्राप्त डेटा का विश्लेषण परिचालन की दृष्टि से किया जाएंगा, टेस्ट रन के दौरान मेट्रो ट्रेन को मैनुअल मोड में 5 किमी प्रति घंटा की ‘लो-स्पीड’ पर चलाया गया आगामी चरणों में टेस्टिंग के दौरान ट्रेन को ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) एवं ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मोड में भी चलाया जाएंगा सिग्नलिंग से संबंधित मैप वेरिफिकेशन टेस्ट किए जाएंगे, जिनके परिणामों के आधार पर सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया जाएगा, जिसके बाद ‘हाई-स्पीड’ टेस्ट किए जाएंगे इस अवसर पर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने सभी कर्मचारियों एवं शहरवासियों को बधाई देते हुए कहा, “कानपुर मेट्रो ने निर्माण के दौरान अनेक चुनौतियों को पार करते हुए शहर के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है टेस्ट रन की शुरुआत एक स्वर्णिम दिन है टेस्टिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टीमों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा तथा मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद इसे यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। कानपुर मेट्रो ने भारतीय रेलवे के साथ देश में पहली बार इंटीग्रेशन कर मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन की मिसाल पेश की है कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन के ऊपर सात मंजिला भारतीय रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति पर है इसी प्रकार झकरकटी मेट्रो स्टेशन पर भी बस स्टेशन के साथ इंटीग्रेशन की योजना है, जहां नीचे भूमिगत स्टेशन तथा ऊपर पीपीपी मॉडल के तहत बहुमंज़िला इमारत का निर्माण किया जाएगा कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन की तरह ही कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मैं मेट्रो निर्माण से जुड़े उन सभी कर्मियों का आभार व्यक्त करता हूं, जो दिन-रात समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं गौरतलब है कि लगभग 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) पर वर्तमान में लगभग 16 किमी (आईआईटी-कानपुर सेंट्रल) तक यात्री सेवाएं संचालित हैं। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन (कानपुर सेंट्रल – नौबस्ता) के साथ-साथ लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए – बर्रा-8) का सिविल निर्माण कार्य भी तीव्र गति से जारी है।
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