कानपुर।
उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को नई गति मिलती दिख रही है। इसी क्रम में जापान की प्रतिष्ठित टोमैटेक कंपनी का एक प्रतिनिधिमंडल चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के शाकभाजी अनुभाग, कल्याणपुर के भ्रमण पर पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में सब्जी फसलों पर चल रहे आधुनिक शोध कार्यों का गहन अध्ययन किया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व टोमैटेक कंपनी के प्रतिनिधि अकिनोरी कोजाकी एवं शुसाकु नाकाजीमां ने किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने शाकभाजी अनुभाग में फूलगोभी एवं मूली की फसलों पर सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रभाव को लेकर चल रहे शोध परीक्षणों का विस्तार से अवलोकन किया। वैज्ञानिकों द्वारा उन्हें प्रयोग की प्रक्रिया, परिणाम और संभावित लाभों की जानकारी दी गई।
अवलोकन के दौरान अकिनोरी कोजाकी ने कहा कि परीक्षणों में सूक्ष्म पोषक तत्वों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इससे फसल अपेक्षाकृत कम समय में पककर तैयार हो रही है, जिससे किसानों को जल्दी उत्पादन प्राप्त होगा। उन्होंने अनुमान जताया कि इस तकनीक के प्रयोग से सब्जी फसलों के उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। साथ ही फसल जल्दी बाजार में आने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की भी संभावना है, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा होगा।
इस अवसर पर आयोजित पारस्परिक संवाद सत्र में शुसाकु नाकाजीमां ने बताया कि टोमैटेक कंपनी द्वारा विकसित सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक का प्रयोग फसल बुवाई के समय किया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि इसे 6 किलोग्राम प्रति 1000 वर्ग मीटर की दर से डालने पर बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। यह तकनीक न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी सुधार करती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक शोध डॉ. आर. के. यादव, प्रोफेसर डॉ. पी. के. सिंह, सब्जी विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. केशव आर्य, डॉ. श्वेता सहित वैज्ञानिकों की पूरी टीम और अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ कृषि नवाचार, शोध और भविष्य में संभावित सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरे को प्रदेश में उन्नत कृषि तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कानपुर में जापानी प्रतिनिधिमंडल का कृषि विवि दौरा