कानपुर सेंट्रल पर टल गया बड़ा हादसा, चलती वंदे भारत के इंजन में चढ़ते युवक की RPF जवान ने बचाई जान

कानपुर। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। प्लेटफॉर्म से रफ्तार पकड़ रही वंदे भारत एक्सप्रेस के लोको पायलट केबिन (इंजन) में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक युवक अचानक पैर फिसलने से सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर गिर गया। यह दृश्य देख वहां मौजूद यात्रियों की सांसें थम गईं, लेकिन तभी ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए पलक झपकते ही युवक को खींचकर बाहर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार यह घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म से धीरे-धीरे गति पकड़ रही थी। आमतौर पर वंदे भारत ट्रेनों के यात्री कोचों के दरवाजे ट्रेन चलने से पहले ही ऑटोमैटिक बंद हो जाते हैं, जबकि लोको पायलट केबिन का दरवाजा मैनुअल कंट्रोल में होता है। इसी का फायदा उठाकर उक्त युवक किसी कारणवश चलती ट्रेन के इंजन वाले हिस्से में चढ़ने का प्रयास कर रहा था।
ट्रेन के रफ्तार पकड़ते ही युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच बने खतरनाक गैप में जा गिरा। हादसे के वक्त प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चीख-पुकार करने लगे। इसी दौरान वहां गश्त कर रहे आरपीएफ जवान की नजर पहले से ही युवक की हरकत पर थी। जैसे ही युवक फिसला, जवान ने बिना एक सेकंड गंवाए उसे पकड़कर पूरी ताकत से बाहर की ओर खींच लिया। यदि जरा सी भी देरी हो जाती, तो युवक ट्रेन के पहियों की चपेट में आ सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ जवान की बहादुरी की जमकर सराहना की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर @priyarajputlive द्वारा साझा किया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोग आरपीएफ जवान को सलामी देते नजर आए। यूजर्स लिख रहे हैं कि “हमारे रेल रक्षकों पर हमें गर्व है” और “एक सच्चा हीरो जिसने बिना जान की परवाह किए एक जिंदगी बचा ली।”
हालांकि, कई लोगों ने युवक की इस लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर वह चलती ट्रेन के इंजन केबिन में चढ़ने की कोशिश क्यों कर रहा था। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों से अपील की है कि कभी भी चलती ट्रेन को पकड़ने का प्रयास न करें। विशेष रूप से वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों में दरवाजे बंद होने के बाद उनसे छेड़छाड़ न करें। सुरक्षित यात्रा के लिए यात्रियों को निर्धारित समय से कम से कम 5 से 10 मिनट पहले स्टेशन पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
यह घटना जहां एक ओर यात्री की लापरवाही को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर आरपीएफ जवान की सतर्कता, फुर्ती और साहस का जीवंत उदाहरण भी पेश करती है, जिसने समय रहते एक अनमोल जीवन बचा लिया।

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