कानपुर।
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए नरवल थाने में तैनात दरोगा संदीप कुमार को निलंबित कर दिया है। दरोगा द्वारा रिश्वत मांगने से जुड़ा ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, नरवल निवासी एक महिला की शिकायत पर दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले में दरोगा संदीप कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि दरोगा ने महिला की शिकायत के आधार पर मामले में पहले से कहीं अधिक लोगों को आरोपी बनाते हुए कुल 12 लोगों को नामजद कर दिया। इससे पहले दरोगा द्वारा कथित रूप से 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम न मिलने पर दरोगा ने मामले में नामजद आरोपियों की संख्या बढ़ाकर पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश की। यही नहीं, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो जाने के बावजूद दरोगा ने चार्जशीट दाखिल कर दी, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया।
इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी स्तर पर विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दरोगा संदीप कुमार को दोषी पाया गया। इसके बाद पुलिस कमिश्नरेट ने तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित करने की कार्रवाई की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच कमिश्नरेट की यह कार्रवाई आम जनता में विश्वास बहाल करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि कानून के रखवाले यदि कानून तोड़ते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वतखोर दरोगा का खेल खत्म! 90 हजार रुपये की मांग करने वाला दारोगा संदीप कुमार निलंबित