कानपुर—कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी का परिचय देते हुए कानपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि आम नागरिकों की मदद के लिए भी सदैव तत्पर रहती है। कार्डियोलॉजी अस्पताल के पास खोया हुआ एक महंगा मोबाइल फोन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से उसके वास्तविक मालिक तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया, जिससे पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
जानकारी के अनुसार, ग्वालटोली निवासी मनीष रावत कार्डियोलॉजी अस्पताल में एक मरीज की तीमारदारी के लिए आए हुए थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन अस्पताल परिसर के आसपास कहीं गुम हो गया। मोबाइल में जरूरी संपर्क नंबर, निजी जानकारी और महत्वपूर्ण डेटा होने के कारण मनीष रावत काफी परेशान हो गए थे और उन्हें मोबाइल मिलने की उम्मीद लगभग टूट चुकी थी।
इसी बीच ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस के टीएसआई कुलदीप पांडे और हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह को एक मोबाइल फोन लावारिस हालत में मिला। दोनों पुलिसकर्मियों ने पूरी ईमानदारी और सतर्कता दिखाते हुए मोबाइल को सुरक्षित अपने पास रखा और उसके असली मालिक की पहचान करने का प्रयास शुरू किया। मोबाइल से जुड़े विवरणों और अन्य माध्यमों से संपर्क साधते हुए पुलिस टीम अंततः मनीष रावत तक पहुंचने में सफल रही।
सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीएसआई कुलदीप पांडे और हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह ने मोबाइल फोन उसके वास्तविक मालिक मनीष रावत को सौंप दिया। अपना खोया हुआ मोबाइल सकुशल वापस पाकर मनीष रावत बेहद खुश नजर आए और उनके चेहरे पर राहत व खुशी साफ झलक रही थी।
मोबाइल वापस मिलने पर मनीष रावत ने ट्रैफिक पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसी ईमानदारी देखने को कम ही मिलती है। उन्होंने टीएसआई कुलदीप पांडे और हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी सिर्फ चालान काटने या ट्रैफिक संभालने का ही काम नहीं करते, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों की हर संभव मदद भी करते हैं।
इस सराहनीय कार्य से न केवल एक नागरिक को राहत मिली, बल्कि पुलिस विभाग के प्रति आम जनता का विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
ईमानदारी की मिसाल बनी ट्रैफिक पुलिस: तीमारदार का खोया मोबाइल लौटाया, पुलिस पर बढ़ा जनता का भरोसा