कानपुर। गोविन्द नगर क्षेत्र के हृदय स्थल माने जाने वाले नंदलाल चौराहा पर व्याप्त नारकीय हालातों को लेकर अब क्षेत्रवासियों का सब्र टूटने लगा है। स्वच्छ भारत अभियान और स्मार्ट सिटी मिशन के दावों के बीच यह प्रमुख चौराहा गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था का प्रतीक बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि सरकारी संपत्ति को नष्ट करने और पिछले चार वर्षों से जनता को बुनियादी सुविधा—यूरिनल—से वंचित रखने के विरोध में स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक प्रकाश वीर आर्य ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नाला निर्माण के नाम पर पूर्व में बने सुव्यवस्थित यूरिनल्स को तोड़ देना एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने कहा कि यह न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला है, बल्कि आम जनता की बुनियादी सुविधाओं के अधिकार का हनन भी है। आर्य ने आरोप लगाया कि नगर निगम जोन-5 के अधिकारी इस गंभीर मामले में कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं।
वहीं महिला सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाते हुए गुड्डी शर्मा ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार नारी शक्ति के सम्मान और सुरक्षा की बातें करती है, वहीं शहर के इतने व्यस्त और व्यापारिक चौराहे पर महिलाओं के लिए एक भी यूरिनल की व्यवस्था न होना प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उन्होंने बताया कि गंदगी और सड़न के कारण नंदलाल चौराहे का व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
गुड्डी शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर आधुनिक पिंक यूरिनल एवं पुरुष यूरिनल का कार्य आवंटित नहीं किया गया, तो क्षेत्रवासी नगर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगों में
दोषी ठेकेदार एवं लापरवाह कनिष्ठ अभियंता के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्यवाही
नंदलाल चौराहे पर अविलंब नए यूरिनल्स का निर्माण प्रारंभ किया जाना
स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत इस प्रमुख व्यापारिक केंद्र का समुचित सुंदरीकरण
शामिल हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महिला यूरिनल की अनुपस्थिति नारी शक्ति के सम्मान का सीधा अपमान है। यदि नगर निगम ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
दोषी ठेकेदार एवं लापरवाह कनिष्ठ अभियंता के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्यवाही