कानपुर।
रामा आयुर्वेदिक मेडिकल इंस्टीट्यूट में बीएएमएस की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने परीक्षा में बार-बार बैक लगने से मानसिक तनाव में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र की पहचान चित्रकूट जनपद के कर्बी निवासी शैलेंद्र कुमार (27) के रूप में हुई है। वह थर्ड ईयर का छात्र था और बिठूर थाना क्षेत्र के बगधौदी बांगर में किराए के कमरे में रह रहा था।
शनिवार सुबह जब बगल में रहने वाला दोस्त उसके कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटकाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांककर देखने पर शैलेंद्र का शव कमरे के अंदर रस्सी के सहारे फंदे से लटकता दिखाई दिया। सूचना पर 112 डायल कर पुलिस को बुलाया गया। मौके पर बिठूर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया और परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।
मृतक शैलेंद्र कुमार वर्ष 2021 से रामा आयुर्वेदिक मेडिकल इंस्टीट्यूट से बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के अनुसार वह पढ़ाई को लेकर लंबे समय से तनाव में था। पिता बृज किशोर ने बताया कि पहले सेमेस्टर में बैक लगने के बाद वह पेपर छोड़कर घर आने की बात कहकर निकला था, लेकिन घर आने की बजाय दिल्ली चला गया था। बाद में बड़ा बेटा लालेंद्र उसे दिल्ली से वापस घर लेकर आया और समझा-बुझाकर दोबारा कॉलेज भेजा गया। इसके बाद वह सेकेंड सेमेस्टर में पास हो गया था।
साथ पढ़ने वाले दोस्तों ने बताया कि 8 सितंबर से थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हुई थीं, जिनका परिणाम नवंबर में आया था। इसमें शैलेंद्र की अगदतंत्र, रस शास्त्र, रोग निदान एवं विकृत विज्ञान विषयों में बैक लग गई थी। इसके बाद से वह काफी परेशान रहने लगा था। दोस्तों के मुताबिक करीब छह माह पहले अप्रैल में उसने हॉस्टल छोड़ दिया था और मंधना क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगा था।
पिता ने बताया कि शुक्रवार शाम को शैलेंद्र से फोन पर बात हुई थी। शनिवार सुबह करीब 9 बजे उसने फोन कर 349 रुपये का रिचार्ज कराने को कहा था, जिसे तुरंत करा दिया गया। इसके बाद उसने कमरे के किराए और अन्य खर्चों के लिए पैसे मांगे थे, जिस पर पिता ने 11–12 बजे तक पैसे भेजने की बात कही थी।
घटना को लेकर एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे बिठूर पुलिस से घटना की सूचना मिली थी। छात्र परीक्षा में दो बार बैक आने से मानसिक रूप से काफी परेशान था। एक बार वह घर भी चला गया था और पेपर नहीं दे पाया था। थर्ड ईयर में दोबारा बैक आने के बाद उसका तनाव और बढ़ गया, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लगातार बैक से टूट गया हौसला, बीएएमएस थर्ड ईयर छात्र ने फांसी लगाकर दी जान