कानपुर।
नेशनल हेराल्ड मामले और मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में गुरुवार को भाजपा जिला कार्यालय का घेराव करने निकले सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। तिलक हाल से पैदल नारेबाजी करते हुए भाजपा जिला कार्यालय, नवीन मार्केट की ओर बढ़ रहे कांग्रेसियों को अस्पताल रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।
रोकने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। पुलिस लाइन पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां ‘रघुपति राघव राजा राम’ (रामधुन) गाई और शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराया। कुछ समय बाद सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस नगर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने बताया कि कांग्रेसी नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट को दिल्ली की स्थानीय अदालत द्वारा स्वीकार न किए जाने के बाद भाजपा जिला कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। उनका कहना था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष के तहत केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेसी संवैधानिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे थे, लेकिन परेड अस्पताल रोड पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेसियों ने लोकतांत्रिक तरीके से नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया।
उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले बुधवार को लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जाजमऊ चौराहे के पास पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसी क्रम में संभावित प्रदर्शन को देखते हुए गुरुवार को कई कांग्रेस नेताओं को पहले से ही नजरबंद कर दिया गया।
पुलिस ने कांग्रेस नेता एवं एआईसीसी सदस्य विकास अवस्थी को उनके बर्रा-2 स्थित आवास पर देर रात पहुंचकर नजरबंद किया। इस दौरान कांग्रेस नेता जेपी पाल, प्रभाकर पाण्डे, सोनू मारवाह, अनुराग पाल सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।