कानपुर-पुलिस आयुक्त (सीपी) रघुवीर लाल ने पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित राजपत्रित अधिकारियों की अपराध गोष्ठी में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी हर हाल में सुनिश्चित की जाए और लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अतिशीघ्र किया जाए गोष्ठी में संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष कुमार और संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय विनोद कुमार सिंह भी मौजूद रहे पुलिस आयुक्त ने सभी सहायक पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिया कि दहेज हत्या, एससी-एसटी एक्ट, देह व्यापार अधिनियम और भ्रष्टाचार अधिनियम जैसे गंभीर मामलों से संबंधित लंबित विवेचनाओं को गुण-दोष के आधार पर अतिशीघ्र निस्तारित किया जाए उन्होंने कहा कि घटनाओं के त्वरित अनावरण के लिए वैज्ञानिक तरीकों और सर्विलांस का प्रभावी उपयोग किया जाएं, जोन सर्किल के सभी वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए गिरफ्तारी न होने पर न्यायालय से वारंट प्राप्त कर कुर्की की कार्यवाही शुरू की जाए, लंबित प्रारंभिक जांचों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का निर्देश दिया गया, अपराधियों द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित करते हुए गैंगस्टर अधिनियम के तहत नियमानुसार जब्तीकरण सुनिश्चित किया जाए, सीपी ने एसीपी को निर्देशित किया कि मारपीट के मामलों में आरोपियों को भारी मुचलके से पाबंद किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे गंभीर चोट की घटनाओं में गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएं, फर्जी प्रार्थना पत्र देने वाले और फर्जी अभियोग पंजीकृत कराने वाले लोगों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्यवाही की जाए, अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एससी-एसटी एक्ट का कोई भी व्यक्ति दुर्भावना या गलत मंशा से दुरुपयोग न कर सके उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की भी समीक्षा की जो हिस्ट्रीशीटर आसक्त और अतिवृद्ध हो गए हैं तथा कई सालों से अपराध में संलिप्त नहीं पाए गए हैं उनकी निगरानी रोकी जाए वहीं, अपराध में लिप्त और क्रियाशील अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी शुरू की जाए समीक्षा में पाया गया कि ज्यादातर शिकायती प्रार्थना पत्र चकेरी, नौबस्ता और कल्याणपुर क्षेत्रों से प्राप्त हो रहे हैं सीपी ने संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यालयों में बैठकर प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्वक निस्तारण कराने का निर्देश दिया, पुलिस आयुक्त ने क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के कार्यों की भी सराहना की उन्होंने बताया कि यह टीम थानों और एनएचएआई के समन्वय से प्रभावी ढंग से काम कर रही है दुर्घटना होने पर ‘प्रथम रेस्पोंडर’ का काम करते हुए यह टीम घायलों को ‘गोल्डन पीरियड’ में अस्पताल पहुँचा रही है और ट्रैफिक जाम को रोक रही है, सीसीटीम के गठन के बाद दुर्घटना में मृत्यु दर में 23%, दुर्घटना की दर में 26% और घायलों की दर में 46% की कमी आई है, मिशन शक्ति फेज-5 के तहत, सभी थानों को महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित अपराधों को रोकने और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए साइबर अपराध के मामलों में, सीपी ने अविलंब एफआईआर दर्ज करने और थाने में मौजूद साइबर टीम को जोन/जनपद की साइबर सेल से समन्वय स्थापित कर त्वरित अनावरण करने का निर्देश दिया अपराध गोष्ठी के अंत में सभी एसीपी के कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा में कल्याणपुर, पनकी, नौबस्ता, बाबू पुरवा और चकेरी के सहायक पुलिस आयुक्तों का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया, जबकि बिल्हौर और घाटमपुर के सहायक पुलिस आयुक्तों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा।
पुरस्कार घोषित अपराधियों को तुरंत करें गिरफ्तार, लंबित विवेचनाएं एक सप्ताह में निपटाएं : पुलिस आयुक्त