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कानपुर। शहर में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने सख्त रुख अपनाते हुए नशा माफियाओं को खुली चेतावनी दी है। खुलेआम बिक रहे गांजा, चरस, THCA और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों से युवाओं का भविष्य खतरे में देखकर सांसद ने पुलिस कमिश्नर को सिर्फ सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है, ताकि नशा कारोबार में शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि “जो भी नशे का सौदागर है, वह अगले सात दिनों के भीतर खुद थाने जाकर सरेंडर कर दे, अन्यथा पुलिस और कानपुर की जनता मिलकर उसे पकड़ने के लिए मजबूर होगी।” उन्होंने साफ कहा कि स्कूल और कॉलेजों के बाहर तक नशीले पदार्थ बेचे जा रहे थे, जिससे युवाओं का जीवन बर्बाद हो रहा था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—“अब बहुत हो चुका। कानपुर का एक भी युवा अगर नशे की गिरफ्त में गया तो मैं चैन से नहीं बैठूंगा। इस पूरे ड्रग नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।”
अल्टीमेटम के बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। शहर भर में तेज़ी से छापेमार कार्रवाई चल रही है। पुलिस ने THCA, गांजा और चरस की कई बड़ी खेपें बरामद कीं, जबकि कई सप्लायरों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस की सक्रियता से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
सांसद रमेश अवस्थी और पुलिस कमिश्नरेट ने मिलकर शहर को नशामुक्त करने का संकल्प लिया है। सात दिनों की समयसीमा को लेकर शहर में चर्चा तेज़ हो गई है। लोगों का मानना है कि यह अभियान यदि कड़ाई से जारी रहा, तो नशा माफियाओं की कमर टूट जाएगी।
नशा कारोबारियों के लिए सांसद का अंतिम संदेश बेहद सीधा है—“या तो अगले सात दिनों में सुधर जाओ, या कानपुर की सड़कों से हमेशा के लिए गायब हो जाओ।”
इस सख्त रुख से साफ है कि कानपुर में अब नशे के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है और आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।