कानपुर/उन्नाव।
केएलसी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, बंथर (उन्नाव) में “Career Pathways and Essential Skills in Leather Industry” विषय पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विशेष रूप से लेदर एवं फुटवियर क्षेत्र से जुड़े उद्योगों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों के ज्ञान, कौशल तथा रोजगार अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ चर्म निर्यात परिषद (CLE) के क्षेत्रीय अध्यक्ष असद कमाल इराकी ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि भारत की लेदर इंडस्ट्री वैश्विक स्तर पर बड़ी तेजी से प्रगति कर रही है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की भारी आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, “ऐसी कार्यशालाएं युवाओं को उद्योग की नई तकनीकों, चुनौतियों और अवसरों से अवगत कराने का श्रेष्ठ माध्यम हैं।”
कार्यशाला में देश-विदेश से आए कई विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को फुटवियर क्षेत्र के नवीनतम रुझानों, डिजाइन, तकनीकी बदलाव, एआई (Artificial Intelligence) के प्रभाव और लाइसेंसिंग प्रणाली की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी।
यूके से आए फुटवियर विशेषज्ञ माइक विंटर्स, (Satra, UK) ने “Footwear Licensing System” पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि फुटवियर उद्योग में क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने के लिए लाइसेंस प्रणाली बेहद आवश्यक है। उन्होंने डिजाइन, टाइमलाइन आधारित प्रोडक्शन प्रक्रिया, तथा अंतरराष्ट्रीय फुटवियर बाजार की मांगों के अनुरूप नवाचार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
आरएसपीएल ग्रुप के मोटिवेशनल स्पीकर इकराम खान ने युवाओं को करियर विकास और व्यक्तिगत संघर्षों पर प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि “सफलता उन्हीं को मिलती है जो असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ते हैं।” इकराम खान ने इंडस्ट्री में टीमवर्क, नैतिकता और नेतृत्व कौशल की भूमिका को भी विस्तार से समझाया।
क्वांटम सिस्टम्स की ईएसजी एवं सस्टेनेबिलिटी लीडर निधि गुप्ता ने Factory Licenses, LWG (Leather Working Group) Standards और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर केंद्रित सत्र लिया। उन्होंने कहा कि आज की इंडस्ट्री केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायित्व और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी सफलता का मुख्य आधार बन चुकी है।
एसआरजेड स्टूडियो, चेन्नई के शाहरुख जैदी ने “Footwear Design & Brand Creation” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने डिजाइन की प्रक्रिया, नवाचार और भारतीय ब्रांडों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि “इंडिया में डिज़ाइनिंग का बहुत बड़ा भविष्य है, बस ज़रूरत है आत्मविश्वास और मौलिकता के साथ काम करने की।”
सबा मिर्जा, एआई एक्सपर्ट, ने कार्यशाला में Artificial Intelligence in Leather & Corporate Sector विषय पर रोचक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस तरह एआई न केवल उत्पादन प्रक्रिया को तेज कर रहा है, बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण, डिजाइन इनोवेशन और ग्राहक विश्लेषण में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।
कार्यशाला के समापन सत्र में चर्म निर्यात परिषद के रीजनल चेयरमैन असद इराकी ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को न केवल व्यावहारिक ज्ञान देते हैं बल्कि उद्योग और शिक्षा जगत के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर केएलसी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के कार्यकारी निदेशक इमरान सिद्दीकी, शिशिर अवस्थी, विकास दीक्षित, मोहम्मद आसिफ, ऋतिक सिंह, आतिश भदौरिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, उद्योग प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम का संचालन शिक्षकों की टीम ने उत्साहपूर्वक किया और अंत में छात्रों ने अतिथियों से सीधा संवाद करते हुए अपने सवाल भी पूछे। इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को उद्योग के वास्तविक परिवेश को समझने, अपने करियर के नए अवसर तलाशने और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के लिए नई दिशा प्रदान की।