कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट के चर्चित रंगदारी प्रकरण में अधिवक्ता अखिलेश दुबे, कथित पत्रकार विपिन गुप्ता और अधिवक्ता पंकज दीक्षित के खिलाफ पुलिस ने 256 पेज की चार्जशीट तैयार कर ली है। पुलिस सोमवार को यह चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करेगी।
झूठे मुकदमे और रंगदारी की साजिश
आरोपियों पर संगीन आरोप हैं कि उन्होंने पीड़ित को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवाने और रंगदारी वसूलने की योजना रची। पीड़ित संस्था सच का आइना के महामंत्री शैलेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि 20 अप्रैल 2015 को उन्होंने साकेत नगर स्थित पार्क में अवैध कब्जे और किशोरी वाटिका के संचालन की शिकायत अधिकारियों से की थी। इसी के बाद 12 मई 2015 को कथित पत्रकार विपिन गुप्ता ने उन्हें इंटरव्यू के बहाने बुलाया और वहां गाली-गलौज, मारपीट कर रंगदारी मांगने का प्रयास किया।
गवाहों के बयान बने आधार
पीड़ित और दो गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने जबरन वसूली, रंगदारी मांगने, बलवा, धमकाने समेत गंभीर धाराओं में आरोप तय किए। एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए और अब आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
चर्चित चेहरों पर शिकंजा
अधिवक्ता अखिलेश दुबे लंबे समय से कानपुर के कानूनी और सामाजिक हलकों में सक्रिय माने जाते रहे हैं। वहीं, कथित पत्रकार विपिन गुप्ता पर पहले भी विवादित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले ने एक बार फिर कानपुर के कानूनी व मीडिया जगत को हिलाकर रख दिया है।