कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत 8 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत मंगलवार को संस्थान के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने “स्वच्छता ही सेवा” के मंत्र को दोहराते हुए एक विशाल रैली निकाली। रैली में प्रतिभागियों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश दिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।
रैली के साथ-साथ संस्थान परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान भी चलाया गया, जिसमें सभी ने सक्रिय भागीदारी की। इस अवसर पर निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने कहा कि सिर्फ रैली या संकल्प लेने से बदलाव संभव नहीं है, बल्कि हमें इसकी शुरुआत अपने घर से करनी होगी। बाजार जाते समय जूट या कपड़े से बने थैलों का इस्तेमाल आदत बनानी होगी, तभी धीरे-धीरे हम बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि बापू का सपना “स्वच्छ भारत – स्वस्थ भारत” तभी साकार होगा जब हम स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया कि वे समाज में भी जागरूकता फैलाएं और लोगों को प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक साधनों के प्रयोग के लिए प्रेरित करें।
स्वच्छता अभियान में प्रमुख रूप से डॉ. अशोक कुमार, बृजेश कुमार साहू, अनूप कुमार कन्नौजिया, वीरेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार पाण्डेय, लोकेश बाबर और सुभाष चंद्रा सहित संस्थान के कई अधिकारी, कर्मचारी व विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने यह संकल्प लिया कि स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर समाज को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण देंगे।