कानपुर। दिव्यांगों को उनका हक न मिलने पर दिव्यांग महागठबंधन ने 8 अक्टूबर को सरकार और राजनीतिक दलों को चुनौती देने के लिए ईको गार्डेन, लखनऊ में बैठक बुलाई है।
महागठबंधन लंबे समय से लेखपाल और मुख्य सेविका अभ्यर्थियों की नियुक्ति, नौकरी, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, रोटी, कपड़ा और मकान की 100% गारंटी के लिए सामाजिक समानता कानून बनाने, पेंशन 5,000 रुपए करने, आवास देने, अंत्योदय और आयुष्मान कार्ड बनाने की मांग कर रहा है।
महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षित बेरोजगार दिव्यांग नौकरी और रोजगार की कमी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी है। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री तक दिव्यांगजन की समस्याएं नहीं पहुंचाई जाती।
कुमार ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष को चुनौती देने की रणनीति 8 अक्टूबर की बैठक में तय की जाएगी और उन्होंने सभी दिव्यांग संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की है।