कानपुर-आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत निजी स्कूलों में गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों के निशुल्क दाखिले की प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी होगी सरकार ने आवेदन प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं नई गाइडलाइन के तहत अब एक ही बच्चे के नाम पर कई आवेदन नहीं किए जा सकेंगे इसके लिए बच्चे और अभिभावक दोनों का आधार नंबर अनिवार्य कर दिया गया है पिछले वर्षों में कई अभिभावक बच्चों के नाम पर तीन-चार ऑनलाइन आवेदन कर देते थे, जिससे वास्तव में जरूरतमंद बच्चों का हक मारा जाता था। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार द्वारा जारी संशोधित गाइडलाइन में इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। विभाग द्वारा अस्वीकार प्रमाण पत्रों वाले आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएंगे। नई व्यवस्था से दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो जाएगी। अभिभावक अब बच्चों के नाम पर धांधली नहीं कर पाएंगे और वास्तविक जरूरतमंदों को आरटीई का पूरा लाभ मिलेगा आवेदन में बच्चे और माता-पिता का आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार सत्यापन के बाद अभिभावक को अपने आधार लिंक बैंक खातों में से एक का चयन करना होगा। किताब, वर्कबुक और यूनिफार्म के लिए मिलने वाली 5000 की वार्षिक सहायता राशि सीधे इसी खाते में भेजी जाएगी। जिले के सभी गैर सहायतित निजी विद्यालयों की कक्षा-1 या पूर्व-प्राथमिक की कुल क्षमता का 25 प्रतिशत हिस्सा आरटीई छात्रों के लिए आरक्षित होगा। चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।