कानपुर। एनीमिया भारत की सबसे गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बना हुआ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के अनुसार, देश भर में 52% गर्भवती महिलाएं और लगभग 59% किशोरियां एनीमिया से पीड़ित हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थिति और भी गंभीर है, जहां 63% किशोरियां एनीमिया से पीड़ित हैं और 15% से भी कम गर्भवती महिलाएं अनुशंसित 180 दिनों तक आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की खुराक लेती हैं।
इसी पृष्ठभूमि में, ‘आर्टिस्ट फॉर हर’ (एशियन रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर स्किल ट्रांसफर) ने मातृ पोषण को बढ़ावा देने और भारत सरकार के एनीमिया मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में प्रगति तेज करने के लिए ‘विटामिन एंजेल्स’ एलायंस के साथ साझेदारी की है।
इस पहल के तहत, कानपुर नगर के चौबेपुर और शिवराजपुर ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं और स्टाफ नर्सों को अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण न केवल नवीनतम वैज्ञानिक ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों में बदलाव लाने के लिए व्यावहारिक उपकरणों से भी स्वास्थ्यकर्मियों को सशक्त करता है।
‘आर्टिस्ट फॉर हर’ की अध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. हेमा दिवाकर ने कहा—
“यह सहयोग जमीनी स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों तक अत्याधुनिक डिजिटल प्रशिक्षण और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को पहुंचाने में एक मील का पत्थर है। आशा कार्यकर्ताओं और नर्सों में जो क्षमता विकसित हुई है, उसका असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है।”
इसी क्रम में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट अम्मा’ (एनीमिया मुक्त माताएं और किशोरियां) ने इस पहल को और गति दी है। गैर-आक्रामक हीमोग्लोबिन जांच उपकरण, मानव-केंद्रित डिजाइन आधारित परामर्श समाधान और विभिन्न विभागों के सशक्त समन्वय के साथ यह प्रोजेक्ट एक स्थायी और अनुकरणीय मॉडल बना रहा है।
विटामिन एंजेल्स इंडिया के वरिष्ठ क्षेत्रीय तकनीकी निदेशक (एशिया) एवं कंट्री डायरेक्टर डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा—
“एनीमिया सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा, सशक्तिकरण और समानता में एक बड़ी बाधा है। पोषण ही मानव क्षमता का आधार है, और ‘आर्टिस्ट फॉर हर’ के साथ साझेदारी से हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर मां और हर लड़की को आगे बढ़ने का अवसर मिले।”
इस पहल से कानपुर में मातृ एवं किशोरी स्वास्थ्य की दिशा में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है, जो एनीमिया मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अहम भूमिका निभाएगा।