कानपुर। डफरिन अस्पताल में दो नवजातों की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। किसी ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया तो किसी ने नवजात को बदलकर मृत बच्चा देने की बात कही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले और परिजनों को शांत कराया।पीड़ित मनोज ने बताया कि सुबह छह बजे पत्नी को अस्पताल लाया गया था। लेकिन 11 बजे तक किसी डॉक्टर ने मरीज को नहीं देखा। देर से हुई डिलीवरी में बेटे का जन्म हुआ, जिसकी हालत गंभीर बताकर एसएनसीयू रेफर किया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।वहीं, लालबंगला निवासी अंजली चौहान ने ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक मां-बेटा दोनों स्वस्थ थे, लेकिन एक घंटे बाद डॉक्टरों ने बच्चे की मौत की सूचना दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ ने बच्चा बदल दिया है।अस्पताल की एसआईसी ने बताया कि अंजली डेढ़ साल में दूसरी बार गर्भवती हुई थी। पहले भी सिजेरियन हुआ था। इस बार पेट का टांका खुलने और बच्चे के गले में नाड़ा फंसने से नवजात मृत पैदा हुआ।कोतवाली प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि सीसीटीवी जांच में बच्चा बदलने की बात गलत साबित हुई। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस ने दोनों परिवारों को समझाकर शव सौंप दिए।
डफरिन अस्पताल में मासूमों की मौत, परिजनों का हंगामा और आंसुओं का सैलाब