कानपुर,डॉनल्ड ट्रंप द्वारा सनकी और तानाशाह तरीके से भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने को भारत के गौरव और संप्रभुता का अपमान बताते हुए विरोध में कानपुर महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष पवन गुप्ता की अगुआई में कांग्रेस जनों ने चावला मार्केट पर डॉनल्ड ट्रंप का पुतला फूंका और चित्र जलाए साथ ही भारत के इस लगातार हो रहे अपमान पर मोदी सरकार से चुप्पी तोड़ने की मांग भी करी।
महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि डॉनल्ड ट्रंप एक सनकी तानाशाह शासक है।जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को गुलाम समझने का दुस्साहस किया था वो ही दुस्साहस डॉनल्ड ट्रंप कर रहा है।डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सनकीपन में भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया और वहीं पाकिस्तान की खुल के मदद कर रहा है डॉनल्ड ट्रंप।रूस से व्यापार करने से भारत को मना करने का दुस्साहस कर रहा है सनकी डॉनल्ड ट्रंप।ये भारत का अपमान है और भारत की संप्रभुता का भी अपमान है।
अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी और डॉनल्ड ट्रंप से मित्रता ही इस दुस्साहस का कारण है।वरना किसी देश की इतनी हिम्मत नहीं की भारत को बताए कि किस्से व्यापार करना है या कैसे रहना है।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अमरीका की इस ही सोच को मुंह तोड़ जवाब दिया था।
पवन गुप्ता ने कहा कि डॉनल्ड ट्रंप के इस सनकी व्यवहार के कारण भारत और कानपुर के व्यापारियों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंच रहा है।अकेले कानपुर में 3000 करोड़ के नुकसान की बात सामने आई है।
अमरीका और पाकिस्तान एक हैं और भारत के अपमान पर मोदी सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है।
कांग्रेस जनों ने मांग करी कि मोदी सरकार संसद में ट्रंप के लिए निंदा प्रस्ताव पारित कर संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के सनकी और तानाशाह चेहरे को उजागर करे और साथ ही भारत सरकार भारत के व्यापारियों को संरक्षण दे।
भारत माता की जय,डॉनल्ड ट्रंप मुर्दाबाद,मोदी जी चुप्पी तोड़ो के नारे लगे।
महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता,दीपक त्रिवेदी बल्ली,सीता अग्निहोत्री,प्रभाकर पांडे,अवनीश सलूजा, कृष्ण देव सिंह टिल्लू,हरीश बाजपई,रितेश यादव,नरेश पाठक,अजय श्रीवास्तव शीलू,राज कुमार तिवारी,राधेश्याम तिवारी,राकेश गुप्ता,मनोज वाल्मीकि, पदम मिश्रा,राकेश साहू,विनोद अवस्थी,गुड्डे सक्सेना,उपेन्द्र यादव,रवि किशन भारती,इशू पांडे,हरिओम शुक्ला,आदित्य पांडे,नफीस उल्लाह,दिनेश चौधरी,विवेक पाल,छेदीलाल,परवेज़ सेन,विवेक सक्सेना,अमरनाथ वाल्मीकि आदि थे।