मनीष गुप्ता
कानपुर। दक्षिण क्षेत्र के विश्वबैंक बर्रा निवासी शालू दुबे ने शनिवार को टूटी-फूटी जरौली रोड की मरम्मत की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर बने गड्ढे में भरे पानी में चटाई और तकिया बिछाकर लेटते हुए विरोध जताया और जिम्मेदारों को जगाने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए जल्द सड़क निर्माण की मांग की। उन्हें देखकर आसपास के बच्चों ने भी “भारत माता की जय” के नारे लगाए। राहगीरों ने इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो भी बनाया।शालू दुबे का आरोप है कि रामगोपाल चौराहे से जरौली की ओर जाने वाली इस जरौली रोड की हालत लंबे समय से बेहद खराब है। यह सड़क पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय के अंतर्गत आती है, और कई जगहों पर 20 से 40 मीटर तक गिट्टी तक गायब हो चुकी है। जलभराव के कारण गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
शालू ने बताया कि उनकी बेटी अनन्या, जो हीरालाल पटेल इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा है, तीन दिन पहले साइकिल से स्कूल से लौटते वक्त गड्ढे में गिरकर घायल हो गई थी। यही पीड़ा उन्हें सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने को मजबूर कर गई। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से विवेकानंद स्कूल, सरदार पटेल इंटर कॉलेज, एक्मे पब्लिक स्कूल, आलब्राइट स्कूल सहित कई स्कूलों के हजारों बच्चे रोज़ाना आवागमन करते हैं, जो हर दिन जान जोखिम में डाल रहे हैं। शालू का कहना है कि वह कई बार पार्षदों, अधिकारियों और विधायकों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह क्षेत्र महाराजपुर और किदवईनगर विधानसभा की सीमा पर आता है, इसलिए जनप्रतिनिधियों में समन्वय की कमी दिख रही है।पार्षद रिचा शुक्ला ने बताया कि उन्होंने एक हफ्ते पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से इस सड़क को बनवाने की मांग की थी, और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, शालू दुबे कांग्रेस से जुड़े हैं और पार्षद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।