कानपुर-चिकित्सकों को धरती का भगवान कहा जाता है यह कहावत उस समय सत्य हो गई जब नौबस्ता धोबिन पुलिया स्थिति आर एस नर्सिंग होम में कुढ़नी निवासी मरणासन्न अवस्था में 14 वर्षीय बालक संदीप को लेकर उसके पिता छोटे लाल पहुंचते है मामले की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल अस्पताल प्रशासन द्वारा कानपुर शहर के जाने-माने सर्जन डॉक्टर मनीष कुमार सिंह को सूचना दी जाती है इसके पश्चात डाक्टर मनीष और उनकी टीम द्वारा मरीज का परीक्षण करने के बाद तत्काल प्रभाव से संदीप के ऑपरेशन का फैसला लिया जाता है जिससे परिजनों ने अपनी सहमति भी दे दी, ढाई से तीन घंटे चली इस जटिल सर्जरी में मरीज को बचाने में डाक्टर एवं उनकी पूरी टीम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी इसके पश्चात अथक प्रयासों से डॉक्टर ने सफल सर्जरी करके मरीज को नया जीवन दान दिया घटना के अनुसार मरीज के पिता छोटे लाल ने बताया कि आम के पेड़ से गिरने के बाद संदीप की स्थिति बहुत बिगड़ गई थी और वह मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया था छोटेलाल ने कहा कि आरएस नर्सिंग होम के डॉक्टरों द्वारा मेरे बच्चे को जो नया जीवनदान मिला है उसका में सदैव आभारी रहूंगा, अस्पताल के प्रोपराइटर डाक्टर विजय सिंह भदोरिया ने कहा कि मरीज संदीप की स्थिति बहुत ही नाजुक थी लेकिन डॉक्टर मनीष कुमार सिंह और आरएस नर्सिंग होम की समस्त स्टाफ द्वारा जटिल सर्जरी करके उसके मौत के मुंह से निकला है क्योंकि चिकित्सकों को धरती का भगवान कहा जाता है चिकित्सा जगत का सूत्र वाक्य ही “अहर्निशं सेवामहे” है, जिसका अर्थ ही दिन-रात मरीजों की सेवा है क्योंकि जो सच्चे भाव से सेवा करते हैं ईश्वर भी उनके साथ होता है सफल सर्जरी करने वालों की प्रमुख रूप से डॉक्टर मनीष कुमार सिंह, एनेस्थीसिया काजल गुप्ता, असिस्टेंट कमलेश बाजपेई, डॉक्टर प्रभा, डॉ विजय सिंह भदोरिया का प्रमुख योगदान रहा।
आर एस नर्सिंग होम के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर बचाईं मरीज की जान