अजीतमल। भारतीय किसान यूनियन के जिलाअध्यक्ष विपिन कुमार के निर्देशन में उपाध्यक्ष जीत सिंह पाल की अगुवाई में तहसील अजीतमल में दस सूत्री मांगो को लेकर धरना प्रर्दशन किया तथा धरना के बाद किसानो की समस्याओ को लेकर मुख्यमंत्री के नाम दस सूत्री एक मांग उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत को सौपा।
मांगपत्र में किसान युनियन के पदाधिकारियो नें मांग की है कि क्षेत्र की ग्राम पंचायत भदसान में स्थिति नाला की सफाई अतिशीघ्र कराया जाये जिसके चलते सैकडो बीधा किसानो की जमीन जलमग्न हो जाती है। वही आगामी खरीफ की फसल धान, बाजरा आदि के लिये साधन सहकारी समितियों पर किसानो के लिये पर्याप्त खाद उपलब्ध करायी जाये। तहसील क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों में शव फ्रीजर उपलब्ध कराये जाये जो अति आवश्यक है। तहसील क्षेत्र में बेटियों के लिये कन्या विधालय खुलवायें जायें। इसी तरह ग्राम पंचायत रतनपुर गढ़िया के मजरा किन्नरपुर से रतनपुर गढ़िया तक बनाये गये खंडजा निर्माण कार्य के बाद रेत नही डलवायी गयी है जिससे परेशानी हो रही है। वही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजीतमल पर बच्चो सहित सभी स्पेशिलिस्ट डाक्टर एवं अल्ट्रा साउड की व्यवस्था की जाये। वही ग्राम पंचायत सिमार में अन्ना जानबरों को पकड़वाकर किसानो को राहत दिलायी जाये। किसानो को बिना बिल लिये भेजे जा रहे अधिक बिजली बिल
से राहत दिलायी जाये सहित मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित दस सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत को सौपा गया।
इस अवसर पर जिलाअध्यक्ष विपिन राजपूत, जिलाउपाध्यक्ष जीत सिंहपाल, श्रीरामकुशवाहा, रामनाथ कुशवाहा, प्रेमनारायण, भोलासिंह, बीरेन्द्र, राजाबाबू, लाखन सिंह, सहित समस्त पदाधिकारी एवं किसाना मौजूद रहे ।
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ब्लॉक सभागार में विद्यालय मर्जर को लेकर जताया विरोध
अजीतमल। बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय मर्जर को लेकर हुई बैठक में चर्चा के बाद ग्राम प्रधान,एसएमसी अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापकों ने इसका विरोध जताया।
बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी प्रवीन कुमार द्वारा ब्लॉक खंड सभागार में बुलाई गई बैठक में कम छात्र संख्याओं वाले विद्यालयों को नजदीक के विद्यालय में मर्ज किए जाने को लेकर चर्चा के बाद सभागार में मौजूद लगभग 2 दर्जन से अधिक ग्राम प्रधानों एवं एसएमसी अध्यक्षों ने विरोध जताते हुए खंड विकास अधिकारी को जिलाधिकारी ने नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें ग्राम प्रधान ब्रह्मानंद दोहरे,टिल्लू राजपूत,राम सुंदर यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत यह कही उल्लेख नहीं है कि विद्यालय को मर्जर किया जाए सरकार की यह प्रक्रिया निश्चित रूप से गरीब असहाय,किसानों के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने का एक मात्र कुचक्र है जिससे गरीबों के बच्चों शिक्षा प्राप्त न कर सके।वही जहां एक और सरकार लगातार प्राइवेट स्कूलों को लगातार मान्यता दे कर बढ़ावा दे रही है जिससे सरकारी विद्यालयों में लगातार छात्र संख्या कम हो रही है। वही दूसरी ओर कम छात्र नामांकन का हवाला देती है ये दोहरी नीति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधान संगठन विरोध करता है। इस मौके पर प्रधान,गजराज सिंह,गीता देवी,अनिल कुमार,रजनी देवी,प्रकाश,किशन, देवी दयाल दोहरे,विश्वजीत,साधना,कल्लू सिंह,संतोष कुमारी,मुन्नी देवी, सहित दो दर्जन से अधिक ग्राम प्रधान एवं एसएमसी अध्यक्ष मौजूद रहे।।